देश की खबरें | केरल : विजयन ने कोविड-19 की चुनौती से निपटने को लेकर हुई आलोचना को किया खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में कोविड-19 की चुनौती से निपटने में सरकार की कथित विफलता को लेकर हो रही आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि यह निंदा महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में लोगों के सहयोग को कमतर करने के लिए है । केरल में कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती हुई दर और नये मामलों में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार चौतरफा आलोचना का सामना कर रही है।

तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में कोविड-19 की चुनौती से निपटने में सरकार की कथित विफलता को लेकर हो रही आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि यह निंदा महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में लोगों के सहयोग को कमतर करने के लिए है । केरल में कोरोना वायरस संक्रमण की बढ़ती हुई दर और नये मामलों में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार चौतरफा आलोचना का सामना कर रही है।

सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मुखपत्रों में से एक साप्ताहिक पत्रिका‘‘चिंता’’ के नवीनतम संस्करण में प्रकाशित एक लेख में विजयन ने कहा कि समाज का एक वर्ग जानबूझकर महामारी के प्रबंधन संबंधी राज्य की रणनीतियों की आलोचना कर लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

विजयन ने कहा कि कुछ लोग आम जनता के बीच सरकार के प्रति रोष पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं, जिससे महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई कमजोर हो जाए।

केरल में कोविड-19 के दैनिक मामलों की संख्या 30 हजार पार करने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के अलावा भारतीय जनता पार्टी राज्य की वामपंथी सरकार की आलोचना कर रही है।

विजयन ने कहा, ‘‘केरल में ऑक्सीजन की कमी के कारण एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी। किसी को भी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं किया गया है अथवा किसी को भी आपात स्थिति के दौरान अस्पताल में बिस्तर नहीं मिलने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल ने कोविड-19 रोधी टीके की एक भी बूंद बर्बाद किए बिना देश के सामने एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है। केरल में कोविड-19 के कारण मृत्यु दर 0.5 प्रतिशत से भी कम है।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार की आलोचना कर रहे लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा केरल में महामारी की दूसरी लहर की शुरुआत देर से हुई थी और राज्य में ऐसे लोगों की संख्या अधिक है, जिनके संक्रमित होने का खतरा अधिक है।’’

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