जरुरी जानकारी | केरल में दो जीएसटी न्यायाधिकरण होंगे

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नयी दिल्ली, 11 जुलाई केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने मंगलवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम में जीएसटी न्यायाधिकरण गठित किये जाएंगे। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की यहां हुई 50वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बैठक में लिये गये निर्णय के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बालगोपाल ने कहा कि दोनों न्यायाधिकरणों में दो सदस्य होंगे, जिनमें एक न्यायिक और एक तकनीकी होगा।

उन्होंने कहा कि केरल ने राज्य में तीन न्यायाधिकरण स्थापित करने की मांग की थी।

बालगोपाल ने कहा कि कुछ राज्यों ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के संबंध में धन शोधन निरोधी अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों में हाल ही में हुए संशोधन के संबंध में चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि यह चिंता इसको लेकर है कि संशोधित प्रावधानों का उपयोग राजनीतिक दुरुपयोग में किया जा सकता है।

बालगोपाल के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद में कहा कि संशोधन केवल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से विवरण प्राप्त करने के लिए होगा।

उन्होंने कहा, “जीएसटी परिषद एक संवैधानिक प्राधिकरण है। बैठक में कहा गया है कि यह हमारा (जीएसटीएन) विवरण देने के लिए नहीं है और केवल ईडी से विवरण प्राप्त करने के लिए है।”

जीएसटीएन अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की प्रौद्योगिकी व्यवस्था को संभालता है और उसके पास रिटर्न, कर जमा और अन्य अनुपालन सहित जीएसटी से संबंधित सभी सूचनाओं का भंडार है।

धन शोधन निरोधी अधिनियम, 2002 के प्रावधानों में संशोधन के अनुसार, जीएसटीएन को उन संस्थाओं की सूची में शामिल किया गया है जिनके साथ ईडी जानकारी साझा करेगा।

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