देश की खबरें | दस वर्षों के बाद केरल को साक्षरता कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार से धन मिलेगा
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तिरुवनंतपुरम, छह नवंबर दस वर्षों के अंतराल के बाद, केरल को साक्षरता कार्यक्रमों के लिए केंद्र सरकार से धन प्राप्त होने जा रहा है, क्योंकि यह दक्षिणी राज्य अब केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी साक्षरता अभियान "पढना लिखना अभियान," अभियान का हिस्सा है।
देश में 2030 तक पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक बड़ी मुहिम के तहत परिकल्पित नई योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 15 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के 57 लाख निरक्षर वयस्कों को काम-काजी साक्षरता प्रदान करना है।
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राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाली एक स्वायत्त एजेंसी ‘केरल राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (केएसएलएमए)’ ने शुक्रवार को यहां कहा कि यह पिछले 10 वर्षों में पहली बार है कि इस दक्षिणी राज्य की साक्षरता पहल के लिए केंद्र सरकार से निधि प्राप्त होने जा रहा है। यह पहल 100 प्रतिशत साक्षरता हासिल करने के बाद एक महत्वपूर्ण कदम है।
2009 के बाद से केंद्र सरकार ने अनौपचारिक शिक्षा के लिए केरल को कोई फंड नहीं दिया था।
केएसएलएमए निदेशक पीएस श्रीकला ने कहा, ‘‘केरल अब केंद्र सरकार के नए साक्षरता अभियान ‘‘पढ़ना लखना अभियान’’ का भी हिस्सा है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कुल 4.74 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना में केंद्र 2.84 करोड़ रुपये प्रदान करेगा, जबकि राज्य सरकार 1.90 करोड़ रुपये देगी।’’
कम साक्षरता दर वाले जिलों पर जोर देने वाले कार्यक्रम के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों और तटीय निवासियों को प्राथमिकता मिलेगी।
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