देश की खबरें | केरल : राज्यसभा सदस्य सुरेश गोपी ने पुलिस अधिकारी से आदर में सलामी देने को कहा
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त्रिशूर (केरल), 15 सितंबर राज्यसभा सदस्य सुरेश गोपी ने बुधवार को एक पुलिस अधिकारी से आदर में सलामी देने की मांग की जिससे विवाद पैदा हो गया है। गोपी जिले के तूफान प्रभावित गांव का दौरा करने गए थे और पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर उनकी वहां उपस्थिति पर ध्यान नही दिया ।
समाचार चैनलों ने इस घटना का वीडियो प्रसारित करना शुरू किया । इसके बारे में पूछे जाने पर अभिनय से राजनीति में आए गोपी ने अपनी मांग को न्यायोचित ठहराया। सांसद ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारी से सलामी की मांग नहीं की लेकिन बताया कि एक सांसद के नाते वह इस सम्मान के हकदार हैं।
पुलिस अधिकारी से कथित सलामी देने की मांग की घटना बुधवार को जिल के पुथुर गांव में घटी। गोपी कई मलयालम फिल्मों में पुलिस अधिकारी का किरदार निभा चुके हैं।
सांसद ने कहा कि जब वह ग्रामीणों से बात कर रहे थे तब उन्होंने पूछा कि क्या वन अधिकारी वहां उपस्थित हैं। उसी समय उन्होंने जीप में पुलिस कर्मी को देखा जो उन्हें नहीं पहचान रहा था। गोपी ने कहा कि तब उन्होंने कहा कि वह सांसद है, महापौर नहीं है और सलामी के हकदार हैं।
इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिशूर से भाजपा के टिकट पर लड़कर हारे गोपी ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारी को सलामी देने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने एक समाचार चैनल से कहा, ‘‘मैंने उनसे सम्मान के साथ बातचीत की और जब जीप देखा तो उन्हें ‘सर’ कहकर संबोधित किया। मैंने समझा कि वह वन विभाग का वाहन है। जब मुझे अहसास हुआ कि जीप पुलिस की है और पुलिस अधिकारी उतरा तो मैंने उसे कहा, सर मैं सांसद हूं और इसलिए मैं सलामी का हकदार हूं।’’
पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल पुलिस अधिकारी संघ ने कहा कि सलामी केवल उसी को दी जा सकती है जो कानूनी रूप से इसकी अर्हता रखते हैं। सांसद और विधायक इस श्रेणी में नहीं आते लेकिन पुलिस अधिकारी आमतौर पर उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हैं।
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