देश की खबरें | केरल पुलिस ने इसरो की भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी मामले की जांच शुरू की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल पुलिस ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में तकनीकी कर्मियों की भर्ती के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में हरियाणा के दो लोगों द्वारा कथित तौर पर किसी अन्य की जगह परीक्षा देने और धोखाधड़ी करने के मामले की सोमवार को गहनता से जांच शुरू कर दी।

तिरुवनंतपुरम, 21 अगस्त केरल पुलिस ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में तकनीकी कर्मियों की भर्ती के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में हरियाणा के दो लोगों द्वारा कथित तौर पर किसी अन्य की जगह परीक्षा देने और धोखाधड़ी करने के मामले की सोमवार को गहनता से जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने कहा कि उसने वीएसएससी से परीक्षा रद्द करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अकेले हरियाणा से 400 से अधिक अभ्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और इस प्रकरण में कोचिंग संस्थानों के संलिप्त होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि जांच में राज्य पुलिस का सहयोग करने के लिए हरियाणा जांच टीम भेजी जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) अजित वी. ने बताया कि दो लोगों को धोखाधड़ी करते रंगे हाथ पकड़ा गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हरियाणा से चार अन्य लोगों को भी पकड़ा गया जो कथित तौर पर परीक्षा देने यहां आए थे और वे पुलिस हिरासत में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि वे किसी गिरोह से संबंधित तो नहीं हैं, जिसमें हरियाणा के कुछ कोचिंग संस्थानों की संलिप्तता हो सकती है।’’

अजित वी.ने बताया कि दो आरोपी परीक्षा देने के लिए विमान के जरिये हरियाणा से केरल आए थे। उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘ हमने वीएसएससी से परीक्षा रद्द करने का अनुरोध किया है।’’

पुलिस को पूरे प्रकरण की जानकारी कैसे मिली इस बारे में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार को परीक्षा के दिन पुलिस की विशेष शाखा कार्यालय और म्यूजियम पुलिस थाने में अज्ञात फोन कॉल आए जिसमें फोन कॉल करने वाले ने बताया कि परीक्षा में कुछ छेड़छाड़ होगी क्योंकि कुछ उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन लेकर गए हैं।

अधिकारी ने बताया, ‘‘यह सूचना कक्ष निरीक्षकों को दी गई और सूचना को सत्यापित करने के दौरान दो केंद्रों से दो व्यक्तियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। ’’

उन्होंने बताया कि जब पकड़े गए दोनों लोगों के नाम और पते की जांच की गई तो जानकारी मिली कि आवेदन करने वाले वास्तविक उम्मीदवार से वे अलग हैं।

अजित ने कहा, ‘‘यह दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने का भी मामला है।’’

पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार उम्मीदवारों ने प्रश्नों की तस्वीरें खींचने के लिए बटन कैमरे का इस्तेमाल किया और तस्वीर मोबाइल फोन के जरिये किसी और को भेजी जो उनके कान में लगे ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए इसका उत्तर दे रहा था।

उन्होंने बताया, ‘‘ सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। हमने उनके कॉल रिकॉर्ड भी लिए हैं। वे विमान से परीक्षा देने आए थे।’’

अजित ने बताया कि हरियाणा के 469 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था और उनमें से अधिकतर लौट चुके हैं। इससे संबंधित जांच के लिए टीम भेजी जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करेंगे और जांच के हिस्से के तहत जांच टीम वहां जाएगी।’’

अधिकारी ने हालांकि परीक्षण प्रणाली में कथित खामी के लिए वीएसएससी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और विभिन्न प्रावधानों तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ असली उम्मीदवार बनकर परीक्षा देने के आरोप में भी मामला दर्ज किया जाएगा।’’

पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की भर्ती परीक्षा समूचे केरल में राज्य के केवल 10 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

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