कोट्टायम/तिरुवनंतपुरम, 15 फरवरी कोट्टायम स्थित सरकारी नर्सिंग कॉलेज में रैगिंग की घटना पर व्यापक आक्रोश के बीच ‘केरल नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल’ (केएनएमसी) ने शनिवार को सभी पांच आरोपी छात्रों को निष्कासित कर दिया।
केएनएमसी की बैठक में कहा गया कि आरोपी अपनी पढ़ाई पूरी करने या सेवा पेशे में प्रवेश करने के लायक नहीं हैं।
केएनएमसी ने कहा कि नर्सिंग पेशे में प्रवेश करने वालों को मानवीय और दयालु होना चाहिए जबकि आरोपियों ने अपने कनिष्ठों के प्रति क्रूरता दिखाई, ऐसा व्यवहार किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य है।
केएनएमसी की एक सदस्य ने कोट्टायम में हुई रैगिंग की घटना को ‘‘बेहद क्रूर कृत्य’’ बताया और कहा कि इसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
केएनएमसी की सदस्य उषा देवी ने कहा, ‘‘हम इस घटना को कभी भी उचित नहीं ठहराएंगे। हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि ऐसे व्यक्तियों को नर्सिंग पेशे में आने देना आपदा होगी।’’
उन्होंने कहा कि केएनएमसी जल्द ही संबंधित अधिकारियों को अपने निर्णय से अवगत कराएगी। केएनएमसी सदस्य ने बताया, ‘‘हमने यह निर्णय लिया है कि उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने का कोई मौका नहीं मिलेगा। जिला स्वास्थ्य सेवा (डीएचएस) के माध्यम से हम सरकार को अपने निर्णय से अवगत कराएंगे, जिसे कॉलेज अधिकारियों को भी बताया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद आरोपी छात्र अब केरल में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकेंगे।
केएनएमसी के इस फैसले से एक दिन पहले राज्य की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को, कॉलेज की प्राचार्य सुलेखा ए टी और सहायक प्रोफेसर/सहायक वार्डन प्रभारी अजेश पी मणि को रैगिंग रोकने में विफल रहने के आरोप में जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया कि छात्रावास के हाउसकीपर-सह-सुरक्षाकर्मी को भी तत्काल हटाने का आदेश दिया गया है।
बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के निर्देशानुसार चिकित्सा शिक्षा निदेशक द्वारा की गई जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
विभिन्न दलों के नेताओं ने रैगिंग घटना की निंदा की है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
देवस्वओम और बंदरगाह राज्य मंत्री वी एन वासवन ने कहा कि सरकार का रुख यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आरोपी बख्शा न जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।
हालांकि, मंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि कुछ आरोपियों के संबंध मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एसएफआई का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। संगठन ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर एसएफआई जैसा कोई छात्र संगठन परिसर में मौजूद होता तो यह घटना नहीं होती।’’
कोट्टायम स्थित नर्सिंग कॉलेज में शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जहां भाजपा और एआईवाईएफ कार्यकर्ताओं ने संस्थान तक विरोध मार्च निकाला।
कॉलेज में एक जूनियर छात्र की रैगिंग के विचलित करने वाले वीडियो बृहस्पतिवार को सामने आए, जिनमें छात्र को एक खाट से बांधे और वरिष्ठ छात्रों द्वारा बार-बार उसे कंपास चुभोते हुए देखा गया।
गांधीनगर पुलिस को जो फुटेज मिली हैं उनके अनुसार छात्र के आधे कपड़े उतार दिए गए और उसके साथ भयानक कृत्य किए गए, जिसमें उसे खाट से बांधने के बाद उसके गुप्तांगों पर डंबल रखने और चेहरे पर लगाने वाली क्रीम उसके मुंह के अंदर डाले जाने जैसे कृत्य शामिल हैं।
रैगिंग की यह घटना लड़कों के छात्रावास में हुई, जिसमें प्रथम वर्ष के नर्सिंग छात्रों को निशाना बनाया गया। मामले में तीसरे वर्ष के पांच छात्रों सैमुअल जॉनसन (20), राहुल राज (22), जीव (18), रिजिल जीत (20) और विवेक (21) को गिरफ्तार किया गया है।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेज में पिछले तीन महीने से रैगिंग की जा रही थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद रैगिंग निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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