देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने सोना तस्करी मामले के आरोपी की एहतियातन हिरासत बरकरार रखी
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कोच्चि, नौ नवंबर केरल उच्च न्यायालय ने सनसनीखेज सोना तस्करी मामले में एक आरोपी की विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियां रोकथाम कानून के तहत एहतियातन हिरासत को मंगलवार को बरकरार रखा।
न्यायमूर्ति ए के जयशंकरन नाम्बियार और न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास सी पी की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह कानूनी है। आरोपी रबिन्स हमीद की पत्नी ने हिरासत के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
अदालत ने कहा कि आदेश ‘‘सोच समझकर और मामले की परिस्थितियों, तथ्यों और पर्याप्त सामग्री पर आधारित आवश्यक व्यक्तिपरक संतुष्टि पर पहुंचने के बाद’’ पारित किया गया। अदालत ने यह भी कहा कि आबकारी विभाग की इस दलील में दम लगता है कि रबिन्स की एक फाइनेंसर की भूमिका थी और साथ ही उसका पिछला जीवन इस ओर संकेत करता है कि वह भविष्य में भी तस्करी की गतिविधियां जारी रख सकता है और उसे ऐसा करने से रोकने का प्रभावी तरीका उसे हिरासत में लेना है।
वह संयुक्त अरब अमीरात में था और राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसका प्रत्यर्पण कर पिछले साल 26 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार किया।
उसकी पत्नी फौजिया रबिन्स ने अपनी याचिका में दलील दी कि हिरासत का आदेश अनुच्छेद 22 के तहत संवैधानिक आदेशों और सीओएफईपीओएसए कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पारित किया गया।
उच्च न्यायालय ने आठ अक्टूबर को स्वप्ना सुरेश को सीओएफईपीओएसए के तहत एहतियातन हिरासत में लिए जाने का आदेश रद्द कर दिया था। हालांकि उसने कहा कि इस मामले में परिस्थितियां अलग हैं और रबिन्स को ऐसी राहत नहीं दी जा सकती।
गौरतलब है कि पांच जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर 15 करोड़ रुपये का सोना जब्त किए जाने के साथ तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया था जिसके बाद एनआईए, ईडी और आबकारी विभाग ने इस गिरोह की अलग-अलग जांच की।
इस मामले के संबंध में केरल के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर, संयुक्त अरब अमीरात वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारियों स्वप्ना सुरेश और सरित पी एस समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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