देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने एनडीपीएस आरोपियों के उत्पीड़न पर जेल महानिदेशक से मांगी रिपोर्ट

कोच्चि, एक सितंबर केरल उच्च न्यायालय ने सिंथेटिक मादक पदार्थ जब्ती मामले के पांच आरोपियों के साथ हिरासत में कथित उत्पीड़न को लेकर शुक्रवार को महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवा) से रिपोर्ट मांगी।

पिछले महीने हिरासत में इन पांचों में से एक की मौत हो गयी थी।

एक अगस्त को पुलिस ने कथित रूप से एक गुप्त सूचना के आधार पर पांच युवकों को सिंथेटिक मादक पदार्थ रखने के संदेह में गिरफ्तार किया था। इस संबंध में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया था। हिरासत में आरोपी तामिर जिफरी (30) की कथित रूप से पुलिस उत्पीड़न के चलते मौत हो गयी थी।

न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास ने महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवा) को आरोपी मंसूर के पिता की उस याचिका पर मंगलवार तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया, जिसमें जेल अधिकारियों एवं पुलिस द्वारा हिरासत में आरोपियों के साथ कथित उत्पीड़न की जांच का अनुरोध किया गया है। उसमें हिरासत में बंद चार आरोपियों की तत्काल चिकित्सा परीक्षण कराने का भी आग्रह किया गया है।

याचिकाकर्ता, मंसूर के पिता ने अपनी याचिका में दावा किया है कि जेल में चार आरोपियों का ‘जेल अधिकारियों द्वारा क्रूरतापूर्ण ढंग से उत्पीड़न किया जा रहा है और उनसे कहा गया है कि वे इस बयान पर हस्ताक्षर करें कि उनके पास से मादक पदार्थ जब्त किया गया था।

मंसूर के पिता ने याचिका में यह भी कहा कि जब वह जेल में अपने बेटे से मिले तब उसके शरीर पर जगह-जगह चोट /जख्म के निशान थे।

पुलिस ने पहले दावा किया था कि आरोपी 18.14 ग्राम एमडीएमए के साथ पकड़े गये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)