तिरुवनंतपुरम, 27 जनवरी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कहा कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अपने वाहन से बाहर निकलना सुरक्षा प्रोटोकॉल के खिलाफ है और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।
विजयन ने यह भी कहा कि राज्यपाल खान बार-बार लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विपरीत रुख अपनाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री विजयन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में राज्यपाल की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को सौंपे जाने को भी ''अजीब'' करार दिया और कहा कि खान अब उस समूह का हिस्सा हैं, जिसमें अब तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कुछ कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्हें केंद्र से विशेष सुरक्षा मिली हुई है।
विजयन ने यह भी कहा कि कोई भी पद कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा, ''कानून सर्वोच्च है।''
मुख्यमंत्री विजयन शनिवार की सुबह राज्य के कोल्लम जिले के निलामेल में जो हुआ, उसके बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान कोल्लम जिले के निलामेल में शनिवार को उनके खिलाफ ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन करने पर अपने वाहन से बाहर निकले और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क किनारे बैठ गए।
खान ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर निशाना साधते हुए उन पर ‘‘राज्य में अराजकता को बढ़ावा देने’’ का आरोप लगाया और इसी के साथ राजभवन एवं राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच तनातनी और बढ़ती प्रतीत हुई।
इसके बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की सुरक्षा बढ़ाकर ‘जेड प्लस’ श्रेणी की कर दी है। वहीं, खान ने विजयन पर ‘‘अराजकता को बढ़ावा देने’’ के लिए निशाना साधा।
दो घंटे से अधिक समय तक वहां बैठने के बाद, खान वहां से तभी निकले, जब पुलिस ने उन्हें कानून के गैर-जमानती प्रावधानों के तहत एसएफआई के 17 कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की एक प्रति दिखायी।
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