तिरुवनंतपुरम, 13 फरवरी केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदु ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विनियमों के मसौदे के खिलाफ उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यूजीसी विनियम-2025 के मसौदे के बारे में माकपा नेता एमवी गोविंदन द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए बिंदु ने कहा कि यूजीसी उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत कम धनराशि आवंटित करता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए मसौदा विनियमों के खिलाफ कानूनी लड़ाई की संभावना तलाशेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मसौदे के विरोध के तहत उच्च शिक्षा विभाग 20 फरवरी को तिरुवनंतपुरम में एक राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन आयोजित करेगा। अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्री भी इसमें भाग लेंगे।’’
बिंदु ने कहा कि केरल विधानसभा ने 21 जनवरी को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें केंद्र से यूजीसी विनियम-2025 के मसौदे को वापस लेने और राज्य सरकारों और शैक्षणिक विशेषज्ञों के साथ गहन परामर्श के बाद ही संशोधित दिशा-निर्देश पेश करने का आग्रह किया गया था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद प्रस्ताव को केंद्र को भेज दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी वर्तमान में उन उद्देश्यों के विपरीत काम कर रही है जिनके लिए इसकी स्थापना की गई थी।
आईयूएमएल सदस्य आबिद हुसैन थंगल के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मसौदा नियमों के खिलाफ एकजुट प्रतिरोध की आवश्यकता पर बल दिया।
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