कोच्चि, छह अगस्त केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमसीर ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार कोच्चि के अलूवा इलाके में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या की घटना की जांच कराएगी तथा आरोपी के खिलाफ इस तरह से मुकदमा चलाया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वह जेल से बाहर न आए।
शमसीर ने कहा कि राज्य सरकार आरोपी अशफाक आलम के लिए अधिकतम सजा सुनिश्चित करने की बच्ची के परिवार की मांग से भी अवगत है।
विधानसभा अध्यक्ष ने बच्ची के परिवार से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह बात कही।
इस बीच, सबूत जुटाने के लिए पुलिस दिन में आरोपी को अलूवा इलाके में ले गई। आरोपी को उन सभी स्थानों पर ले जाया गया, जहां वह उस दिन बच्ची के साथ था, जिस दिन उसने कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था और उसकी हत्या कर दी थी। जांच की प्रक्रिया के तहत आरोपी को उसी इमारत में उसके कमरे में भी ले जाया गया, जहां बच्ची अपने परिवार के साथ रहती थी।
इस दौरान भीड़ पर नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारियों की जांच टीम के अलावा, त्वरित प्रतिक्रिया टीम के कर्मियों और कमांडो की एक टुकड़ी भी आरोपी के साथ थी। प्रवासी कामगार ने 28 जुलाई को कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी।
अशफाक आलम को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन बच्ची का शव अगले दिन अलूवा में एक स्थानीय बाजार के पीछे एक दलदली इलाके में एक बोरे में फेंका हुआ पाया गया था।
अशफाक आलम को एक अगस्त को 10 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, आलम की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है और उसे पांच साल पहले दिल्ली में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम मामले में गिरफ्तार किया गया था और जमानत पर रिहा होने से पहले वह एक महीने के लिए जेल में रहा था।
पूर्वी दिल्ली की गाजीपुर पुलिस ने 2018 में 10-वर्षीया एक लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के प्रयास के आरोप में आलम को गिरफ्तार किया था।
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