तिरुवनंतपुरम, 15 फरवरी केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने 'सप्लाईको' के मूल्य निर्धारण तंत्र में बदलाव करने का फैसला किया है ताकि कंपनी के घाटे को कम करने में मदद की जा सके।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम कथित तौर पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।
केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को 'सप्लाईको' के नाम से जाना जाता है।
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जी आर अनिल ने सरकार के इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि इन बदलावों के हिस्से के रूप में मंत्रिमंडल ने बुधवार को सरकार द्वारा संचालित सप्लाईको के माध्यम से सब्सिडी वाली 13 वस्तुओं को बाजार दरों से 35 प्रतिशत कम कीमत पर बेचने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि हालांकि कीमतें दो या तीन वर्ष तक स्थिर नहीं रहेंगी जैसा कि अतीत में हुआ करती थीं।
मंत्री ने कहा, ''अगर बाजार कीमतें नीचे जाती हैं, तो सप्लाईको दरें कम हो जाएंगी और अगर कीमतें बढ़ती हैं तो सप्लाईको दरें भी बदलनी पड़ सकती हैं। दरों की समीक्षा हर तीन महीने में की जाएगी।''
मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''इन छोटे बदलावों का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं बल्कि 'सप्लाईको' के घाटे को कम करना है। सरकार के समर्थन के साथ यह आम आदमी के लिए लाभ के एक केंद्र के रूप में कार्य करना जारी रखेगी।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY