नयी दिल्ली, एक सितंबर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे राज्यों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बकाया प्रदान करने के लिए कानूनी रूप से व्यवहार्य और सतत अन्य विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्यों को कोविड-19 के कारण पैदा हुए वित्तीय संकट से निपटने में मदद मिल सकेगी।
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उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय द्वारा पेश ऋण के दो विकल्पों में मुख्य रूप से राज्यों को कर्ज लेने की आवश्यकता होगी और उसके बाद पुनर्भुगतान देनदारियों को पूरा करने के लिए राज्यों पर "अत्यधिक बोझ" पड़ेगा।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद को केंद्र को राज्यों की ओर से उधार लेने के लिए अधिकृत करने और उपकर संग्रह की अवधि 2022 से आगे बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक सुधार करार देते हुए केजरीवाल ने पत्र में कहा कि कर संग्रह में कमी पर राज्यों को जीएसटी मुआवजे का आश्वासन उन स्तंभों में से एक है जिस पर जीएसटी का पूरा ढांचा खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी राज्य सामूहिक रूप से काम कर उस अभूतपूर्व स्थिति से निपट लेंगे जो कोरोना वायरस के कारण देश के सामने आयी है।
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