देश की खबरें | केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश पर कांग्रेस के समर्थन के लिए खरगे का आभार जताया

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नयी दिल्ली, 17 जुलाई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश पर आम आदमी पार्टी (आप) का समर्थन करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का सोमवार को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर जी जान से लड़ना चाहिए।

केजरीवाल का यह बयान तब आया है जब आज बेंगलुरु में 26 विपक्षी दलों की दो दिवसीय अहम बैठक होने वाली है जिसमें 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर करने की संयुक्त रणनीति का एजेंडा तय किया जाएगा।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के लोगों का साथ देने के लिए शुक्रिया खरगे जी। यह अध्यादेश भारत विरोधी और राष्ट्र विरोधी है तथा इससे जी जान से लड़ना होगा।’’

भाजपा नीत केंद्र सरकार मई में दिल्ली में नौकरशाहों के तबादले और तैनाती पर अध्यादेश लेकर आयी थी, जिससे उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का प्रभाव खत्म हो गया था, जिसमें सेवाओं पर नियंत्रण निर्वाचित सरकार को दिया गया था।

अध्यादेश में दानिक्स कैडर के ग्रुप-ए अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही और तबादलों के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण स्थापित करने का प्रावधान है।

उच्चतम न्यायालय के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों के तबादले और तैनाती का शासकीय नियंत्रण उपराज्यपाल के पास था।

कांग्रेस ने रविवार को साफ किया कि वह दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण से संबंधित केंद्र के अध्यादेश का संसद में समर्थन नहीं करेगी और देश में ‘‘संघवाद को ध्वस्त’’ करने के केंद्र सरकार के ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।

‘आप’ ने कहा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस का ‘‘स्पष्ट विरोध एक सकारात्मक घटनाक्रम है।’’

अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी ने रविवार को घोषणा की थी कि वह बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेगी।

‘आप’ ने पहले कहा था कि कांग्रेस दिल्ली अध्यादेश पर अपना रुख स्पष्ट करे और उसके बाद ही वह विपक्षी दलों की अगली बैठक में भाग लेने पर फैसला करेगी।

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