देश की खबरें | केजरीवाल ने स्थानीय निकायों में कुप्रबंधन एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, भाजपा का पलटवार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने 60 हजार करोड़ रुपये के बजट का हिसाब दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नगर निगमों पर 'कुप्रबंधन और भ्रष्टचार' का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें मिले कोष का क्या हुआ नहीं बता रहे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने 60 हजार करोड़ रुपये के बजट का हिसाब दे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नगर निगमों पर 'कुप्रबंधन और भ्रष्टचार' का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें मिले कोष का क्या हुआ नहीं बता रहे।

गुप्ता ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि दिल्ली सरकार का 60 हजार करोड़ रुपये का बजट है और केजरीवाल को यह बताना चाहिये कि ​दिल्ली के लोगों के हित में कितना पैसा कहां कहां खर्च किया गया ।

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उन्होंने पूछा, ''दिल्ली सरकार ने पिछले छह साल में क्या कोई नया कॉलेज, स्कूल या सड़क बनवायी है ।''

इससे पहले दिन में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केजरीवाल ने भाजपा शासित दिल्ली के तीन नगर निगमों पर हमला बोलते हुये कहा कि वे इस तरह के ''कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार'' के साथ नहीं चल सकते हैं । उन्होंने यह इंगित किया कि नगरीय निकाय डॉक्टरों समेत अपने कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने में असमर्थ हैं ।

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मुख्यमंत्री ने पूछा, ''2015 में जब से हमारी सरकार बनी है, हमने पहले की सरकारों की अपेक्षा दो—तीन गुना फंड का भुगतान किया है । ये पैसा कहां चला जाता है ।''

गुप्ता ने केजरीवाल से आग्रह किया कि डाक्टरों, नर्सों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों के वेतन के मुद्दे पर राजनीति नहीं करें क्योंकि ये लोग कोरोना वायरस महामारी के बीच अपने जीवन की परवाह किये बगैर दिल्ली के लोगों की सेवा करते हैं ।

उन्होंने कहा, ''नगर निगमों को इस तरह परेशान कर दिल्ली सरकार उन गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी कठिनाईं में डाल रही है जो स्कूल, अस्पताल एवं अन्य कार्यों के लिये स्थानीय निकाय पर ही निर्भर हैं ।

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