एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | रेपो दर को यथावत रखना सही, पर मौजूदा दर किफायती आवास खंड के लिए चिंता :रियल एस्टेट विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लगातार तीसरी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने के फैसले का रियल एस्टेट क्षेत्र ने स्वागत किया है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ ही मुद्रास्फीति पर काबू पाने में मदद करेगा। हालांकि, कुछ का कहना है कि मौजूदा ब्याज दर अब भी काफी अधिक है और यह किफायती आवास खंड के लिए चिंता का विषय है।

जरुरी जानकारी | रेपो दर को यथावत रखना सही, पर मौजूदा दर किफायती आवास खंड के लिए चिंता :रियल एस्टेट विशेषज्ञ

नयी दिल्ली, 10 अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लगातार तीसरी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने के फैसले का रियल एस्टेट क्षेत्र ने स्वागत किया है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ ही मुद्रास्फीति पर काबू पाने में मदद करेगा। हालांकि, कुछ का कहना है कि मौजूदा ब्याज दर अब भी काफी अधिक है और यह किफायती आवास खंड के लिए चिंता का विषय है।

रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘‘ हम रेपो दर में बदलाव न करने के आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हैं। पिछले साल लगातार दरों में बढ़ोतरी के बाद से उच्च ब्याज दर को देखते हुए इस कदम से आवास क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। यह आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ ही मुद्रास्फीति पर काबू करने में मदद करेगा।’’

नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन बन्देलकर ने कहा, ‘‘ आरबीआई का रेपो दर पर यथास्थिति का निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है। ब्याज दर में स्थिरता से उन डेवलपर्स को राहत मिलेगी जो एक जटिल आर्थिक परिदृश्य से गुजर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ दर में बदलाव न होने से दीर्घकालिक परियोजनाओं पर काम करने और उन्हें क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह निर्णय क्षेत्र में स्थिरता लाने की आवश्यकता से भी मेल भी खाता है। इससे सकारात्मक माहौल को बढ़ावा मिलेगा।’’

बन्देलकर ने कहा, ‘‘ हालांकि, हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक उभरते बाजार की गतिशीलता के प्रति सचेत रहेगा और विकासोन्मुख उपायों का समर्थन करना जारी रखेगा।’’

गौड़ ग्रुप के मुख्य प्रबंध निदेशक एवं क्रेडाई (एनसीआर) के चेयरमैन मनोज गौड़ ने कहा, ‘‘ संतुलन बनाए रखने के लिए आरबीआई का रेपो दर में बढ़ोतरी न करना मकान खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए अच्छा है। यह क्षेत्र को एक निश्चिंतता प्रदान करता है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दर को लेकर जल्द ही कोई कड़ा रुख नहीं अपनाएगा। यदि अर्थव्यवस्था अपनी प्रगति जारी रखती है, तो भविष्य में दरों में कटौती भी हो सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि 6.5 प्रतिशत की वर्तमान दर अब भी काफी अधिक है और किफायती मकान खंड के लिए चिंता का विषय है।’’

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैंन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘‘ हमें खुशी है कि आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हम आवास बाजार को लेकर सतर्क रहते हैं, खासकर किफायती और मध्य खंड जो संवेदनशील हैं। इनपर पिछली दर बढ़ोतरी का प्रभाव रहा है। नीतिगत दर को लंबे समय तक एक ही स्तर पर रखने से आवास बाजार को मदद मिलेगी।’’

रियल्टी और इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) नितिन बाविसी ने कहा, ‘‘ मांग बढ़ने और मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर लाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत में समग्र आर्थिक स्थितियां अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बनी हुई हैं। रेपो दर पर यथास्थिति बनाए रखने का आरबीआई का कदम अपेक्षित और स्वागतयोग्य है।’’

त्रेहान ग्रुप के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहान ने कहा, ‘‘ रेपो दर को यथावत बनाए रखने से मुद्रास्फीति की दर और घटेगी, जो निस्संदेह कम हो रही है।’’

सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘ मौजूदा ब्याज दर में बदलाव नहीं करने का आरबीआई का फैसला संभावित मकान खरीदारों पर वित्तीय बोझ को कम करने की दिशा में एक आशाजनक कदम है। ’’

नवराज ग्रुप के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार ने कहा, ‘‘ भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तीसरी बार रेपो दर में कोई बदलाव न करना रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए फायदेमंद है। इससे निवेशकों को आकर्षित करने और स्थायी निवेश उद्यमों को बढ़ावा देने का भरोसा मिलता है। रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए कर्ज की लागत को कम करता है। ’’

अंसल हाउसिंग के निदेशक कुशाग्र अंसल ने कहा, ‘‘ रेपो दर यथावत रखना एक सराहनीय कदम हैं। यह बाजारों के लिए अत्यधिक अनुकूल साबित होगा।‘’’

एक्सिओम लैंडबेस के प्रबंध निदेशक राजेश के. सराफ ने कहा, ‘‘ रेपो दर में बदलाव नहीं करना भारतीय रिजर्व बैंक का एक सकारात्मक निर्णय है। यह निर्णय रियल एस्टेट उद्योग के लिए राहत की खबर है, जिसने पिछले कई महीनों में उल्लेखनीय पुनरुत्थान का अनुभव किया है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप सकारात्मक गति बरकरार रहने की संभावना है। हम आने वाले महीनों में रेपो दर में कटौती की उम्मीद करते हैं।’’

ओमेक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहित गोयल ने कहा, ‘‘ रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय देश की आर्थिक बुनियाद में सुधार और भारत की आर्थिक वृद्धि में विश्वास को दर्शाता है। इस फैसले से आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट खंड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’’

गंगा रियल्टी के संयुक्त प्रबंध निदेशक विकास गर्ग ने कहा, ‘‘ आरबीआई के इस निर्णय से घरों की मांग स्थिर करने और संपत्ति बाजारों में सकारात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।’’

राजदरबार रियल्टी की निदेशक राधिका राकेश गर्ग ने कहा, ‘‘निरंतर छह बढ़ोतरी के बाद, लगातार दो बार ब्याज दर में बदलाव न करने का आरबीआई का निर्णय स्वागतयोग्य है। डेवलपर्स से लेकर घर खरीदने वालों और वित्तीय संस्थानों तक, रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रत्येक हितधारक को इससे फायदा होगा।’’

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बढ़ती खुदरा महंगाई को काबू में रखने के साथ अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से बृहस्पतिवार को लगातार तीसरी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इसका मतलब है कि मकान, वाहन समेत अन्य कर्ज पर मासिक किस्त (ईएमआई) में कोई बदलाव नहीं होगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2023 01:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).