देश की खबरें | निर्णय लेते वक्त गरीब, पिछड़ों के हितों को ध्यान में रखें: मूर्मू ने आर्थिक सेवा अधिकारियों से कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों के एक समूह से मंगलवार को कहा कि वे अपने कार्यस्थल पर कोई भी निर्णय लेते समय देश के गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों को ध्यान में रखें।
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) के अधिकारियों के एक समूह से मंगलवार को कहा कि वे अपने कार्यस्थल पर कोई भी निर्णय लेते समय देश के गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों को ध्यान में रखें।
भारतीय आर्थिक सेवा (2022 और 2023 बैच) के परिवीक्षाधीनों के एक समूह ने यहां राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक संकेतक प्रगति के उपयोगी मापदंड माने जाते हैं, इसलिए सरकारी नीतियों को प्रभावी एवं उपयोगी बनाने में अर्थशास्त्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, ऐसे में उन्हें आने वाले समय में अपनी क्षमताओं को पूरी तरह विकसित कर उनका उपयोग करने के असंख्य अवसर मिलेंगे।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि वे इन अवसरों का समुचित लाभ उठाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुर्मू ने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यस्थल पर नीतिगत सुझाव देते समय या निर्णय लेते समय, देश के गरीब और पिछड़े वर्गों के हितों को ध्यान में रखें।
मुर्मू ने कहा कि आर्थिक सेवा के अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे आर्थिक विश्लेषण और विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ-साथ संसाधन वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने और योजनाओं के मूल्यांकन के लिए उचित सलाह प्रदान करें।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है क्योंकि नीतियों का निर्धारण उनके दिए गए सुझावों पर निर्भर करेगा।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि आंकड़ों के विश्लेषण और साक्ष्य आधारित विकास कार्यक्रमों ने सरकार को लोगों के आर्थिक उत्थान में तेजी लाने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि युवा आईईएस अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे अपनी कार्य कुशलता को नये विचारों, तरीकों और तकनीकों के माध्यम से बढ़ाएं।
मुर्मू ने कहा कि उनकी रचनात्मकता इस परिवर्तनशील युग में देश के लिए प्रगति के नये द्वार खोलने में मदद करेगी।
राष्ट्रपति ने इसे लेकर प्रसन्नता व्यक्त की कि 2022 और 2023 बैच के आईईएस अधिकारियों में से 60 प्रतिशत से अधिक महिला अधिकारी हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से भारत के समावेशी विकास के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने महिला अधिकारियों से महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए काम करने का आग्रह किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2024 05:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

