देश की खबरें | कार्ति चिदंबरम ने धन शोधन मामले में सुनवाई टालने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया

नयी दिल्ली, सात अप्रैल कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कथित चीनी वीजा घोटाले और ‘एयरसेल मैक्सिस’ घोटाले से जुड़े धन शोधन मामलों में अधीनस्थ न्यायालय में आरोप तय करने पर सुनवाई टालने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

इन मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में कहा चूंकि आरोप तय करना ‘अपरिवर्तनीय’ है, इसलिए जब तक सीबीआई मामलों में आरोप तय नहीं कर दिया जाता तब तक धन शोधन के इन दो मामलों में आरोप तय किये जाने की सुनवाई को टाल दिया जाना चाहिए।

वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि उच्चतम न्यायालय ने इस मामले पर आदेश पारित किया है, जिसके बाद न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने सुनवाई नौ अप्रैल तक टाल दी।

ईडी के वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के अनुसार, सीबीआई और ईडी मामलों की सुनवाई स्वतंत्र है लेकिन धन शोधन मामले में अंतिम आदेश इन मामलों के परिणाम पर आधारित होगा।

कार्ति चिदंबरम के वकील ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ सीबीआई का मामला अब भी जांच और दस्तावेज दाखिल करने के चरण में हैं लेकिन ईडी मामले में बहस 15 अप्रैल को होनी है।

कार्ति चिदंबरम ने दो याचिकाओं में अधीनस्थ न्यायालय के 28 मार्च के आदेश को चुनौती दी है।

अधीनस्थ न्यायालय ने सीबीआई मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय होने तक आरोपों पर बहस को स्थगित करने की कांग्रेस सांसद की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

जितेंद्र अविनाश

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