देश की खबरें | पॉक्सो के मामले का सामना कर रहे कर्नाटक के महंत ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जमानत की अर्जी दी
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बेंगलुरु, 14 अक्टूबर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में लिंगायत मठ के महंत शिवमूर्ति मुरुग शरनारू की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करने का शुक्रवार को आदेश दिया।
महंत की जमानत अर्जी पर सुनवाई करने के बाद न्यायमूर्ति जे एम खाजी ने दोनों नाबालिगों (कथित पीड़िता) के अलावा मैसूर जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
चित्रदुर्ग जिला मुख्यालय स्थित मुरुग मठ के 64 वर्षीय महंत उसके (मठ के) द्वारा संचालित एक छात्रावास में रहने वाली दो लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
महंत के खिलाफ पॉक्सो और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान लगाये गये हैं।
साथ ही, एक नयी शिकायत के बाद उनके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया।
राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि नये मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
गैर सरकारी संगठन ओडानाडी समस्ते के हस्तक्षेप करने के बाद मैसुरु में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद, प्रभावशाली लिंगायत मठ के महंत को एक सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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