जरुरी जानकारी | कर्नाटक खुद को वैश्विक रणनीतिक अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा: प्रियांक खरगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक न केवल भारत की नवाचार और निवेश राजधानी है, बल्कि राज्य लगातार खुद को एक वैश्विक रणनीतिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को यह बात कही।
बेंगलुरु, 18 जुलाई कर्नाटक न केवल भारत की नवाचार और निवेश राजधानी है, बल्कि राज्य लगातार खुद को एक वैश्विक रणनीतिक अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को यह बात कही।
उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित सीआईआई कर्नाटक अनुसंधान एवं विकास सम्मेलन 2025 के दूसरे संस्करण में अपने संबोधन में कहा, “एक समृद्ध प्रतिभा भंडार, मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रगतिशील नीति परिवेश के साथ, हमारा राज्य वैश्विक स्तर पर अनुसंधान और भविष्य की तकनीकों में अग्रणी होने के लिए तैयार है। हम समावेशी नवाचार के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
खरगे के अनुसार अनुसार, इस दृष्टिकोण को सही मायने में साकार करने के लिए, कर्नाटक को उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करना होगा।
इसके अलावा, उन्होंने गहन तकनीक और उभरते क्षेत्रों में निजी निवेश आकर्षित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, ''हम सब मिलकर कर्नाटक को न केवल अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्टता का एक केंद्र बना सकते हैं, बल्कि राज्य परिवर्तनकारी बदलावों की अगुवाई भी कर सकता है।''
सीआईआई कर्नाटक राज्य परिषद के चेयरमैन रवींद्र श्रीकांतन ने कहा कि अनुसंधान एवं विकास सम्मेलन का दूसरा संस्करण कर्नाटक को वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की सीआईआई की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पाण्डेय रमण
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)