देश की खबरें | कर्नाटक वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा, अन्य राज्यों के साथ नहीं: डीके शिवकुमार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ‘इन्वेस्ट कर्नाटक-2025’ शिखर सम्मेलन की सफलता को कर्नाटक की ताकत का प्रतिबिंब करार देते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक निवेश के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है, न कि भारत के अन्य राज्यों या शहरों के साथ।

बेंगलुरु, 14 फरवरी ‘इन्वेस्ट कर्नाटक-2025’ शिखर सम्मेलन की सफलता को कर्नाटक की ताकत का प्रतिबिंब करार देते हुए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक निवेश के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है, न कि भारत के अन्य राज्यों या शहरों के साथ।

पैलेस ग्राउंड में शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में शिवकुमार ने कहा, “हम देश के अन्य राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। हम चेन्नई (तमिलनाडु) या केरल या तेलंगाना या गुजरात या किसी भी अन्य राज्य या शहर के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं। कर्नाटक और बेंगलुरु वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यही हमारी ताकत है।”

लोकसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर, यूनान के पूर्व प्रधानमंत्री जॉर्ज ए पापेंद्रयू, केंद्रीय रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना, बड़े एवं मध्यम उद्योग मंत्री एम बी पाटिल तथा कर्नाटक मंत्रिमंडल के कई सदस्य समारोह में मौजूद थे।

शिवकुमार ने पिछले चार दिनों में कई निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर का जिक्र करते हुए कहा, “निवेशक कर्नाटक पर भरोसा कर सकते हैं, यह कभी असफल नहीं होता। आपने उद्योगपति सज्जन जिंदल और आनंद महिंद्रा को अपनी सफलता की कहानी साझा करते और राज्य की तारीफ करते सुना।”

उन्होंने दावा किया, “कर्नाटक में निवेश करना भविष्य के लिए निवेश करना है। कर्नाटक में निवेश करना व्यवसायों और देश के हित में है। हमारा लक्ष्य न केवल बेंगलुरु, बल्कि बेंगलुरु के परे राज्य के अन्य हिस्सों को भी विकसित करना है।”

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा राज्य एयरोस्पेस क्षेत्र और अन्य उद्योगों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) कर्नाटक के लिए एक बड़ी ताकत हैं।” उन्होंने कहा कि देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एयरोस्पेस उपकरण कर्नाटक के पीन्या औद्योगिक क्षेत्र में बनाए जाते हैं।

शिवकुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में शुरू हुए उद्योग और संस्थान आज काफी ऊंचे मुकाम पर पहुंच चुके हैं और अन्य देशों और भारत के बड़े उद्योगों ने कर्नाटक की नीतियों और कारोबारी माहौल में भरोसा जताते हुए राज्य का रुख किया है।

उन्होंने कहा कि नयी औद्योगिक नीति राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी निवेश को प्रोत्साहित करती है।

शिवकुमार ने बताया, “कर्नाटक ने एच के पाटिल के नेतृत्व में एक नयी पर्यटन नीति की घोषणा की है। नयी नीति में क्षेत्र में ऐतिहासिक स्थानों को संरक्षित करते हुए 300 किलोमीटर के तटीय क्षेत्र को विकसित करने की परिकल्पना की गई है।”

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