बेंगलुरु, दो फरवरी कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ईशा फाउंडेशन द्वारा चिक्कबल्लापुर के अवलागुर्की गांव में बनाई गई आदियोगी मूर्ति के आसपास निर्माण और विकास कार्यों पर यथास्थिति आदेश को आगे बढ़ा दिया है।
इससे पहले, अदालत ने निर्माण को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था।
सदगुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन ने बेंगलुरु से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित गांव में भगवान शिव की इस मूर्ति का निर्माण किया है।
मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी. वराले और अशोक एस. किंगाई की खंडपीठ ने चिक्कबल्लापुर में ईशा योग केंद्र द्वारा 112 फुट ऊंची मूर्ति की स्थापना को चुनौती देने वाली स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
ईशा फाउंडेशन की ओर से पेश वकील ने अंतरिम आदेश से राहत मांगी। हालांकि, अदालत ने इससे इनकार कर दिया।
पिछले महीने उच्च न्यायालय ने 15 जनवरी को मूर्ति के अनावरण की अनुमति दी थी। हालांकि, स्थल पर कोई और निर्माण कराए जाने पर रोक लगा दी थी।
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