बेंगलुरु, 13 जनवरी कर्नाटक उच्च न्यायालय ने चिक्कबल्लापुरा जिले में 15 जनवरी को ईशा योग केंद्र की आदियोगी प्रतिमा का अनावरण करने की अनुमति शुक्रवार को दे दी।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने उस स्थल पर निर्माण गतिविधियों को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने 11 जनवरी को निर्माण के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि इसने (ईशा योग केंद्र) वनों और भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न नियमों और कानूनों का उल्लंघन किया है।
ईशा योग केंद्र के वकील ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी. वराले और न्यायमूर्ति अशोक एस. किंगई की खंडपीठ का रुख किया और दलील दी कि केंद्र का उद्धाटन 15 जनवरी को निर्धारित किया गया है, जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा अन्य गणमान्य लोग शिरकत करेंगे।
अनावरण के संबंध में आमंत्रण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
ईशा योग केंद्र चिक्कबल्लापुरा जिले के अवलागुर्की में आदियोगी की 112 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित कर रहा है।
न्यायालय को बताया गया कि आयोजन के लिए कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा और निर्माण गतिविधियां नहीं की जायेगी।
न्यायालय ने इस दलील पर भी गौर किया और कहा कि कार्यक्रम किया जा सकता है, क्योंकि यह पहले से तय था।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने न्यायालय से यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि प्रतिमा के अनावरण के दौरान किसी भी तरह की आतिशबाजी नहीं की जानी चाहिए। इसके प्रत्युत्तर में न्यायालय ने कहा कि इस तरह के आयोजन नहीं होंगे क्योंकि इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति भाग लेने वाले हैं।
मामले की सुनवाई दो फरवरी के लिए स्थगित कर दी गई।
इस बीच ईशा फाउंडेशन ने कहा, ‘‘उपराष्ट्रपति आदियोगी की प्रतिमा का 15 जनवरी को शाम 6 बजे तय कार्यक्रम के अनुसार अनावरण करेंगे।’’
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
फाउंडेशन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि छह साल पहले कोयम्बटूर के ईशा योग केंद्र में आदियोगी की 112 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया था।
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