बेंगलुरु, 16 फरवरी आम चुनाव नजदीक आने के बीच कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में 2024-25 के लिए 3,71,383 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
बजट दस्तावेजों के मुताबिक इस साल उधारी एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने वित्त मंत्री के रूप में अपने रिकॉर्ड 15वें बजट भाषण में कहा कि कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाकर 1,20,373 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने 27,354 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे के साथ पेश किए गए बजट में भारत में बनी शराब (आईएमएल) और बीयर के लिए कर स्लैब को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा।
सिद्धरमैया ने कहा, ''इसके अलावा मैंने राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) के तीन प्रतिशत के भीतर लाने और कुल बकाया देनदारियों को जीएसडीपी के 25 प्रतिशत के भीतर रखकर राजकोषीय मजबूती को सुनिश्चित किया है।''
उन्होंने अगले दो वर्षों के बाद राजस्व अधिशेष हासिल करने का भरोसा भी जताया।
विपक्ष के सदस्यों की नारेबाजी और बहिर्गमन के कारण बजट पेश करने में बाधा हुई।
सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के जरिए 2024-25 के दौरान करोड़ों लोगों को 52,000 करोड़ रुपये देगी।
उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को हर साल औसतन 50,000 से 55,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं।
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