देश की खबरें | कर्नाटक: कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर चर्चा कराने का विरोध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक विधानसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायकों ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर विशेष चर्चा कराने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का विरोध किया। कांग्रेस विधायकों ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को ''आरएसएस का एजेंडा'' बताया।

बेंगलुरु, चार मार्च कर्नाटक विधानसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायकों ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर विशेष चर्चा कराने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का विरोध किया। कांग्रेस विधायकों ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को ''आरएसएस का एजेंडा'' बताया।

विधायकों ने आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर और उनसे राय लिये बगैर इस मामले पर चर्चा कराने का फैसला लिया गया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वी एच कागेड़ी ने कहा कि विपक्षी दल इस मामले पर होने वाली चर्चा में भाग लेने वाले अपने सदस्यों के नामों की सूची देने के बाद अंतिम समय में पीछे हट रहा है।

कांग्रेस सदस्यों ने इस विषय पर चर्चा कराए जाने को ''तानाशाही, फासीवादी, हिटलरवादी रवैया और आरएसएस के एजेंडे का हिस्सा'' करार दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने इससे पहले कहा था विधानसभा अध्यक्षों की गुजरात में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर चर्चा कराने की सलाह दी थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया ने पूछा कि इस विषय पर किस नियम के तहत चर्चा कराई जा रही है। उनके अनुसार इसपर चर्चा नहीं कराई जा सकती।

सिद्धरमैया ने कहा कि अध्यक्ष ने इससे पहले फोन पर और कार्य मंत्रणा समिति की बैठकों में उसने इस विषय पर चर्चा कराने के बारे में बात की थी। सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी पार्टी ने चर्चा को लेकर सहमति नहीं जतायी थी।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर ऐसी विशेष चर्चाओं की अनुमति दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सत्रों के दौरान संविधान को लेकर भी ऐसी ही विशेष चर्चाएं की जा चुकी हैं।

सिद्धरमैया ने कहा, ''हम इस पर चर्चा नहीं होने देंगे। यह आरएसएस का एजेंडा है। देश तानाशाही की ओर बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री तानाशाही रवैया दिखाना चाहते हैं।''

कांग्रेस विधायकों के विरोध के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी बात जारी रखी और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर चर्चा कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार बार चुनाव होने से सरकार के कामकाज पर प्रभाव पड़ता है और विकास कार्यों में देरी होती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने भाषण के बाद सिद्धरमैया से कहा कि उन्हें इस विषय पर होने वाली चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से बोलने के इच्छुक 19 विधायकों के नाम की सूची मिली थी और अंतिम समय में इससे पीछे हटना सही नहीं है।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुरोध के बावजूद कांग्रेस सदस्यों ने चर्चा कराने का विरोध जारी रखा।

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