देश की खबरें | कर्नाटक मंत्रिमंडल का विस्तार कल हो सकता है : मुख्यमंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को कहा कि उनके मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार 13 जनवरी को होने की संभावना है और इसमें शामिल होने वाले नए मंत्रियों की सूची शाम को जारी की जाएगी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 12 जनवरी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को कहा कि उनके मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार 13 जनवरी को होने की संभावना है और इसमें शामिल होने वाले नए मंत्रियों की सूची शाम को जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने हालांकि सात नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का संकेत दिया, लेकिन किसी भी मौजूदा मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाए जाने को लेकर कुछ खुलकर नहीं कहा।

येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘ अगर सब कुछ निर्धारित चीजों के तहत रहा, तो मैंने नए मंत्रियों को कल शाम चार बजे शपथ दिलवाने की योजना बनाई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ टीवी चैनलों पर दिखाए जा रहे नाम, वास्तविकता से काफी दूर हैं, बिना वजह किसी का भी नाम ना लें, मैं आज शाम नामों की सूची जारी करूंगा।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कल शाम चार बजे शपथ ग्रहण की संभावना है, जो लोग शपथ लेंगे, उन्हें आज शाम सूचित किया जाएगा।

मंत्रिमंडल से किसी मंत्री को हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘ कल इसका पता चल जाएगा।’’

येदियुरप्पा ने सोमवार को कहा था कि शपथ-ग्रहण समारोह के लिए भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और पार्टी के राज्य महासचिव अरुण सिंह को आमंत्रित किया जाएगा।

इससे पहले येदियुरप्पा ने रविवार को नयी दिल्ली में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद पर नड्डा और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने मंत्रिमंडल में सात नए चेहरे शामिल करने का संकेत दिया था।

मंत्रिमंडल से हटाये जाने की खबरों पर आबकारी मंत्री एच नागेश ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी कदम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा था, ‘‘ यह मैं ही हूं जिसने भाजपा सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त किया तथा मुख्यमंत्री एवं राज्य के लोग जानते हैं।’’

येदियुरप्पा लंबे समय से मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहते रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने गत 18 नवम्बर को नयी दिल्ली में उनसे मुलाकात के दौरान इस कवायद के लिए केन्द्रीय नेतृत्व की मंजूरी की प्रतीक्षा करने को कहा था।

मंत्रिमंडल विस्तार/ फेरबदल एक मुश्किल भरी कवायद होने की संभावना है क्योंकि पार्टी के पुराने नेताओं के साथ साथ कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) से आये नेता मंत्रिपरिषद में जगह पाने की आस में हैं। इन दो विपक्षी दलों से बगावत कर आये नेताओं की वजह से ही भाजपा की सरकार बन पायी थी।

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