जरुरी जानकारी | कपिल वधावन की डीएचएफएल के ऋणदाताओं को देने के लिसे 43,000 करोड़ रु. की पारिवारिक संपत्ति की पेशकश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संकट में फंसी आवास ऋण कंपनी डीएचएफएल के जेल में बंद प्रवर्तक कपिल वधावन ने कंपनी के ऋणदाताओं के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए अपनी व्यक्तिगत और परिवार की संपत्तियों की पेशकश की है। वधावन ने इन संपत्तियों का मूल्य 43,000 करोड़ रुपये होने का दावा किया है।

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर संकट में फंसी आवास ऋण कंपनी डीएचएफएल के जेल में बंद प्रवर्तक कपिल वधावन ने कंपनी के ऋणदाताओं के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए अपनी व्यक्तिगत और परिवार की संपत्तियों की पेशकश की है। वधावन ने इन संपत्तियों का मूल्य 43,000 करोड़ रुपये होने का दावा किया है।

वधावन ने इस बारे में रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक आर सुब्रमण्यकुमार को 17 अक्टूबर को पत्र लिखा है। वधावन ने कहा है कि उनकी इस पेशकश से इन संपत्तियों का अधिकतम मूल्य सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वधावन फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने उनके परिवार के रीयल एस्टेट पोर्टफोलियो की विभिन्न परियोजनाओं के अधिकार और हिस्सेदारी को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव किया है जिससे डीएचएफएल का समाधान उचित तरीके से हो सकेगा और संपत्तियों का भी अधिकतम मूल्य प्राप्त किया जा सकेगा।

इन परियोजनाओं के मूल्यांकन में जुहू गल्ली परियोजना और इरला परियोजनाएं शामिल हैं। पत्र में कहा गया है कि इन परियोजनाओं का मूल्यांकन 43,879 करोड़ रुपये बैठता है। वह भी बाजार मूल्य से 15 प्रतिशत कम के हिसाब से है।

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पत्र में वधावन ने कहा है कि सितंबर, 2018 के आईएलएंडएफएस संकट के बाद से न केवल डीएचएफएल बल्कि सभी प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को संकट का सामना करना पड़ा। कंपनी ने इस दौरान कई कदम उठाए और कई संपत्तियों मसलन आधार हाउसिंग फाइनेंस लि., एवांसे फाइनेंशियल, डीएचएफएल प्रामेरिका एसेट मैनेजर्स तथा डीएचएफएल प्रामेरिका ट्रस्टी लि. के मौद्रिकरण के जरिये करीब 44,000 करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान किया।

रिजर्व बैंक ने सात जून, 2019 को दबाव वाली संपत्तियों के समाधान की रूपरेखा के तहत सर्कुलर जारी किया जिसके बाद डीएचएफएल के ऋण और वित्तीय दबाव के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई।

बैंकों और कुछ ऋणदाताओं के बीच पांच जुलाई, 2019 को अंतर ऋणदाता करार (आईसीए) किया गया। आईसीए पर हस्ताक्षर करने वाले ऋणदाताओं को कंपनी को 39,000 करोड़ रुपये वसूलने थे।

वधावन ने मुंबई की तलोजा जेल से भेजे नौ पृष्ठ के पत्र में कहा है कि आज भी डीएचएफएल का संग्रहण करीब 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये है और वह ऋणदाताओं का भुगतान करने में सक्षम है।

अजय

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