देश की खबरें | ‘कक्कुकली’ के निर्देशक ने नाटक की आलोचना को खारिज किया

तिरुवनंतपुरम, दो मई केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) द्वारा मलयालम नाटक ‘कक्कुकली’ के मंचन पर प्रतिबंध लगाने की मांग किए जाने के एक दिन बाद इसके निर्देशक जॉब मदाथिल ने मंगलवार को आलोचकों के आरोपों के पीछे कोई एजेंडा है। उन्होंने आग्रह किया कि आलोचकों को कुछ भी कहने से पहले नाटक देखना चाहिए।

मलयालम लेखक फ्रांसिस नोरोन्हा की एक कहानी पर आधारित नाटक ‘कक्कुकली’ एक युवा नन और एक कॉन्वेंट में उसके सामने आने वाले संघर्षों एवं चुनौतियों को दिखाता है।

केसीबीसी कुछ समय से नाटक की आलोचना करती रही है और आरोप लगाती रही है कि इसने ईसाइयत से जुड़ी तपस्या को बदनाम किया है।

बढ़ते विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मदाथिल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से राज्य में नाटक का मंचन किया जा रहा है और पहले ही 17 स्थानों पर इसका प्रदर्शन किया जा चुका है।

उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, "नाटक एक ईसाई कॉन्वेंट में शामिल होने वाली एक युवती के मुद्दों पर चर्चा करता है। यह पितृसत्तात्मक पादरी वर्ग के खिलाफ बोलता है।"

मदाथिल ने आरोप लगाया कि आलोचकों का कोई एजेंडा है। उन्होंने आग्रह किया कि आलोचना करने वालों को कुछ भी कहने से पहले नाटक देखना चाहिए।

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