कोलकाता, आठ मार्च जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) ने शनिवार को विरोध कर रहे वामपंथी छात्रों से कक्षाओं और सेमेस्टर परीक्षाओं का बहिष्कार करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
एक मार्च को पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु की कार से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था, इस घटना के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया।
हालांकि जेयूटीए ने इस बात पर जोर दिया कि वह छात्रों से आंदोलन समाप्त करने को नहीं कह रहा है, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एक सप्ताह से जारी आंदोलन के दौरान शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।
जेयूटीए ने एक बयान में कहा कि छात्रों और शिक्षकों के बीच आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है और उच्च शिक्षा संस्थान की पुरानी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सभी को एक साथ मिलकर समस्या का हल निकालना चाहिए।
जेयूटीए ने एक मार्च की घटना के सिलसिले में कुछ छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामलों को तत्काल वापस लेने की वामपंथी छात्र संघों की मांग के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने शुक्रवार को धमकी दी थी कि अगर प्रबंधन घटना के बाद उत्पन्न गतिरोध को हल करने के लिए तुरंत उनके साथ चर्चा करने में विफल रहता है तो वे 10 मार्च को दोपहर दो बजे से संस्थान का प्रशासनिक कार्य पूरी तरह बाधित कर देंगे।
वामपंथी छात्र अपनी मांगों को लेकर संस्थान के प्रशासनिक भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
जेयूटीए ने कहा कि एक मार्च को हुई घटना के बाद से कई छात्र कक्षाओं और परीक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। उस दिन एक छात्र को पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री की कार से टक्कर लगने के बाद गंभीर चोटें आई थीं और वह अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहा है। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति भी बीमार हैं।
जेयूटीए ने आंदोलनकारी छात्रों से कक्षा और परीक्षा बहिष्कार के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया।
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