देश की खबरें | अधिकार क्षेत्र विवाद: दिल्ली उच्च न्यायालय ने रशीद की याचिका पर उच्च न्यायालय को पत्र लिखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने उच्चतम न्यायालय को पत्र लिखकर पूछा है कि एनआईए द्वारा दर्ज मामले में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद रशीद इंजीनियर की जमानत याचिका पर आदर्श रूप से किस अदालत को सुनवाई करनी चाहिए।
नयी दिल्ली, चार फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने उच्चतम न्यायालय को पत्र लिखकर पूछा है कि एनआईए द्वारा दर्ज मामले में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद रशीद इंजीनियर की जमानत याचिका पर आदर्श रूप से किस अदालत को सुनवाई करनी चाहिए।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने न्यायमूर्ति विकास महाजन को सूचित किया कि उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिकारी ने अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
एनआईए अदालत ने कहा है कि उच्च न्यायालय आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रहे जेल में बंद सांसद की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकती, क्योंकि उसके पास इसका अधिकार नहीं है। दूसरी ओर, कानून के तहत सांसदों और विधायकों पर मुकदमा चलाने के लिए नामित अदालतों को उन मामलों की सुनवाई की अनुमति नहीं है, जिनकी जांच एनआईए ने की हो।
न्यायमूर्ति विकास महाजन रशीद की एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले साल लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद एनआईए अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर कोई निर्णय नहीं लेते हुए यह कहा था कि वह विशेष सांसद/विधायक अदालत नहीं है।
लूथरा ने मौजूदा संसद सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की रशीद की याचिका का विरोध किया और कहा कि एक सांसद के रूप में उनके पास ऐसा कोई "अधिकार" नहीं है।
अदालत को सूचित किया गया कि पिछले साल नवंबर में जांच एजेंसी ने एनआईए अदालत को एक ऐसी अदालत के रूप में नामित करने के मुद्दे पर रजिस्ट्रार जनरल को एक अभ्यावेदन दिया था जो सांसदों/विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई कर सके।
न्यायमूर्ति महाजन ने कहा, "इस मुद्दे पर प्रशासनिक आदेश और स्थिति स्पष्ट करने के लिए अदालत के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी करना उचित है। नोटिस जारी किया जाए।"
अदालत ने कहा कि मामले पर अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।
रशीद ने अपनी मुख्य याचिका में उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि या तो एनआईए अदालत द्वारा उनकी लंबित जमानत याचिका का शीघ्र निपटान करने का निर्देश दिया जाए या उच्च न्यायालय मामले पर स्वयं निर्णय ले।
पिछले साल 24 दिसंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने जिला न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि रशीद अब सांसद हैं और इसे देखते हुए मामले को सांसदों/विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के समक्ष भेज दिया जाए।
उन्होंने जमानत याचिका पर आदेश सुनाने संबंधी रशीद की अर्जी खारिज कर दी थी।
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