देश की खबरें | पत्रकार ने ट्विटर पर राष्ट्राध्यक्षों के लिए विशेष ‘निशान’ की अपनी अवधारणा चुराने का आरोप लगाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई के एक पत्रकार ने ट्विटर और उसके मालिक एलन मस्क पर राष्ट्राध्यक्षों समेत महत्वपूर्ण हस्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट के लिए एक नये ‘निशान’ की उनकी अवधारणा चुराने का आरोप लगाया है। साथ ही, इस सिलसिले में धोखाधड़ी की एक शिकायत भी दायर की है।
मुंबई, तीन मार्च मुंबई के एक पत्रकार ने ट्विटर और उसके मालिक एलन मस्क पर राष्ट्राध्यक्षों समेत महत्वपूर्ण हस्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट के लिए एक नये ‘निशान’ की उनकी अवधारणा चुराने का आरोप लगाया है। साथ ही, इस सिलसिले में धोखाधड़ी की एक शिकायत भी दायर की है।
ट्विटर अपने उपयोगकर्ताओं के एक साधारण सत्यापित ‘अकाउंट’ पर ‘नीले रंग का निशान’ अंकित करता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन जैसी महत्वपूर्ण हस्तियों के (सोशल मीडिया) अकाउंट पर ‘ भूरे रंग का निशान’ लगाता है।
उपनगरीय क्षेत्र अंधेरी की एक मजिस्ट्रेट अदालत में दायर की गई अपनी शिकायत में पत्रकार रूपेश सिंह ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (विश्वास तोड़ने) , 120 बी (आपराधिक साजिश) तथा कॉपीराइट अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। यह शिकायत एक मार्च को दायर की गई थी।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में मस्क के अलावा ट्विटर के पूर्व भारत प्रमुख मनीष माहेश्वरी को भी नामजद किया है। शिकायतकर्ता ने वकील नीरज गुप्ता के माध्यम से शिकायत दायर करायी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और निर्देशक होने के नाते वह ट्विटर पर बहुत सक्रिय रहते हैं।
सिंह ने कहा कि उन्होंने देखा है कि ट्विटर पर सभी सत्यापित अकाउंट पर नीला निशान लगा हुआ है, चाहे वे साधारण उपयोगकर्ता के हों या राष्ट्राध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण हस्तियों के हों।
शिकायत में दावा किया गया कि सिंह ने ही मई, 2022 में यह अवधारणा सृजित की कि मशहूर हस्तियों के सत्यापित ट्विटर अकाउंट को अलग रंग का निशान दिया जाए तथा उसे इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट के ‘वाल’ पर साझा किया जाना चाहिए।
शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी ने ‘सुनियोजित ढंग से और काफी सोच-विचार’ के बाद उनकी अवधारणा का जवाब नहीं दिया, लेकिन कुछ ही महीने बाद भिन्न-भिन्न रंग के ‘निशान’ लगाने के उनके विचार के लिए उन्हें श्रेय या पारिश्रमिक दिये बिना ही लागू कर दिया गया।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने आपराधिक साजिश के तहत शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की, उन्हें नुकसान पहुंचाया तथा ‘मानसिक एवं शारीरिक ’ प्रताड़ना दी।
अदालत 17मार्च को इस विषय की सुनवाई करेगी।
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