नयी दिल्ली, एक जून जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने कहा है कि कथित यौन उत्पीड़न के एक मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक बयान में आईसीसी ने मंगलवार को कहा कि उसने उसके कार्यालय को रिपोर्ट किए गए मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। हालांकि, समिति ने मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
अधिसूचना के मुताबिक, “27 मई 2022 को शाम सात बजकर 46 मिनट पर शिकायत मिलते ही उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए मामले की जांच शुरू की गयी।”
उसमें कहा गया है, “आईसीसी मामले की स्वतंत्र, तेज और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ता को न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
आईसीसी ने जोर देकर कहा कि वह परिसर में किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करती है।
पिछले हफ्ते अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के एक कार्यकर्ता पर जेएनयू परिसर के अंदर एक महिला का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।
पीड़िता ने आईसीसी से शिकायत की थी कि ‘‘उसे और अधिक मानसिक आघात और धमकी से बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए।”
आइसा ने कहा है कि आरोपी उनसे संबद्ध नहीं है।
खबरों के मुताबिक, एक अलग घटना में, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) से जुड़े एक छात्र को पूर्वोत्तर की एक छात्रा से छेड़छाड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि आईसीसी दोनों में से कौन से मामले की जांच कर रही है।
आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित कई छात्र संगठनों ने हाल में यौन उत्पीड़न के मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
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