देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के निवासी 4जी इंटरनेट सेवा बहाल होने से खुश

जम्मू, छह फरवरी पिछले 18 महीने से अधिक समय से हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा स्थगित होने के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे जम्मू कश्मीर के लोगों खासकर छात्रों, कारोबारियों के चेहरों पर अब केंद्रशासित प्रदेश में 4जी सेवा बहाल होने के बाद खुशी साफ तौर पर देखी जा सकती है।

हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद हालांकि एक बार फिर केंद्रशासित प्रदेश के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग पर ध्यान देने की बात उठ रही है।

जम्मू-कश्मीर में हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवा अगस्त 2019 में स्थगित किए जाने के ठीक डेढ़ साल बाद शुक्रवार को बहाल कर दी गई। केंद्र द्वारा तत्कालीन राज्य का विशेष दर्जा रद्द किए जाने के फैसले के साथ ही यहां हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा को स्थगित कर दिया था।

सरकार ने पांच अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों– जम्मू-कश्मीर और लद्दाख- में विभाजित करने की घोषणा के साथ ही इंटरनेट सेवा को यहां पूरी तरह बंद कर दिया था।

पिछले साल 25 जनवरी को यहां 2जी सेवाएं बहाल की गईं जबकि कश्मीर मंडल के गांदेरलब और जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में पिछले साल अगस्त में मोबाइल पर 4जी सेवाएं बहाल की गई थीं।

अब 4जी सेवा पूरी तरह बहाल होने के बाद लोगों को एक-दूसरे को बधाई देते हुए देखा गया और कुछ नेताओं, खासतौर पर विपक्षी नेताओं ने इस मौके पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने तथा जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की वकालत की।

हालांकि इंटरनेट की हाई-स्पीड न होने से कोविड-19 के दौरान सबसे ज्यादा मुश्किलें छात्रों के सामने ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान आईं।

कॉलेज छात्र अंकित शर्मा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “हम इस कदम का स्वागत करते हैं लेकिन सरकार को कोई शुक्रिया अदा नहीं करते जिसने हमें बीते 18 महीनों से मौलिक अधिकार से वंचित रखा।”

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