देश की खबरें | हेमंत सरकार के अधीन झारखंड में आदिवासियों की जनसंख्या घटी: अमित शाह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि हेमंत सोरेन सरकार के शासनकाल में झारखंड की जनसांख्यिकी में बदलाव आया है और ‘आदिवासियों’ की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी घटी है।

देवघर (झारखंड), चार फरवरी केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि हेमंत सोरेन सरकार के शासनकाल में झारखंड की जनसांख्यिकी में बदलाव आया है और ‘आदिवासियों’ की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी घटी है।

यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘संकल्प रैली’ को संबोधित करते हुए शाह ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से हो रही भारी घुसपैठ की वजह से राज्य में आदिवासियों की जनसंख्या 35 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत पर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘राज्य की हेमंत सरकार वोट बैंक की राजनीति की वजह से इस परिपाटी को प्रोत्साहित कर रही है। ’’

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि आदिवासी महिलाओं से विवाह करने के बाद घुसपैठियों द्वारा जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हेमंत सोरेन सरकार देश में सबसे भ्रष्ट है। संसाधन को रेल के डिब्बों और ट्रैक्टर के जरिये लूटा जा रहा है। आगामी चुनाव में जनता इस सरकार को सत्ता से बेदखल कर देगी क्योंकि वह ‘विकास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने में असफल रही है जिसके लिए अलग राज्य गठित किया गया था।’’

शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा राज्य की सभी 14 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।

दुमका जिले में पिछले साल पीछा करने वाले एक व्यक्ति द्वारा 12वीं कक्षा की छात्रा को जिंदा जलाकर मारने के मामले का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासी लड़की की हत्या कर दी गई, जबकि हेमंत सोरेन सरकार तुष्टिकरण की राजनीति में शामिल है।’’

इससे पहले दिन में केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा था कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटी (पीएसीएस)के जरिये 300 सेवाएं देने का फैसला किया है।

शाह ने कहा कि पीएसीएस समान सेवा केंद्र (सीएससी) की तरह काम करेंगे और किसान इनके जरिये देनदारी मुक्ति प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु पंजीकरण सहित कर 300 सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

देवघर के जसीडीह में 450 करोड़ की लागत से इफको के नैनो यूरिया संयंत्र की आधारशिला रखने के मौके पर शाह ने कहा, ‘‘ यह फैसला शुक्रवार को लिया गया। इस संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सहयोग किया है।’’

उन्होंने बताया कि पीएसीएस को सीएससी द्वारा मुहैया कराए जाने वाली सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम बनाने के लिए शुक्रवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।

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