जरुरी जानकारी | आभूषण विक्रेताओं ने कई चरणों में हॉलमार्किग व्यवस्था लागू करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करने का सरकार का फैसला छोटे जौहरियों और जॉब कार्य करने वालों के हित में है।
मुंबई, 17 जून अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग को चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करने का सरकार का फैसला छोटे जौहरियों और जॉब कार्य करने वालों के हित में है।
केंद्र ने मंगलवार को कहा कि सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग 16 जून से चरणबद्ध तरीके से लागू होगी और शुरुआत में इसे देश के 256 जिलों में लागू किया जाएगा।
जीजेसी ने सभी आभूषण विक्रेताओं से खुद को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के साथ पंजीकृत कराने का आग्रह किया है।
सरकार ने बिना किसी शुल्क या नवीनीकरण के एकमुश्त पंजीकरण, कोई दंड या तलाशी और जब्ती के बिना, ज्वैलर्स के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई के बगैर तथा कुंदन, जड़ाऊ, पोल्की आभूषणों को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट देना जैसी प्रमुख चिंताओं में राहत दिये जाने का आश्वासन दिया है।
जीजेसी ने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि 31 अगस्त, 2021 तक आभूषण उद्योग के नई व्यवस्था में समायोजित होने तक किसी भी जौहरी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
जीजेसी के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा, “हम उद्योग और हॉलमार्किंग विशेषज्ञ समिति द्वारा उठाए गए अधिकांश मुद्दों को हल करने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं। अनिवार्य हॉलमार्किंग के कार्यान्वयन के दौरान छोटे ज्वैलर्स और जॉब वर्कर्स के हितों को ध्यान में रखा गया है।’’
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