पटना, 10 अक्तूबर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम माँझी ने शनिवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर दलित नेता रामविलास पासवान को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने और उनके दिल्ली आवास को स्मारक घोषित करने की मांग की है ।
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में मांझी ने कहा, ‘‘ दिवंगत नेता रामविलास पासवान किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं । उन्होंने भारत सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर अपने दायित्वों का निर्वहन किया ।’’
मांझी ने कहा ‘‘ समाज के हर तबके के लिये किये गए उनके कार्य अद्वितीय हैं जो स्वत: इस बात का परिचायक है कि वह भारत के रत्न हैं। ’’
पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम पार्टी के संस्थापक ने कहा, ‘‘ ऐसे में रामविलास पासवान को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ सम्मान दिया जाए । ’’
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे एक पत्र में मांझी ने नयी दिल्ली स्थित पासवान के 12, जनपथ वाले बंगले को एक स्मारक में तब्दील करने का भी अनुरोध किया। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक पासवान इस बंगले में करीब 31 वर्षों तक रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का बृहस्पतिवार को निधन हो गया था। पासवान के छोटे भाई और लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस के साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बिहार सरकार के मंत्री प्रेम कुमार ने भी अलग से यह मांग की कि दिवंगत नेता को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाए।
गया के अपने चुनाव संबंधी कार्यक्रमों को छोड़कर पासवान को श्रद्धांजलि देने पटना पहुंचे मांझी ने संवाददाताओं से कहा कि वह पासवान को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियां को भी उनके बारे में बताया जा सके।
प्रेम कुमार ने ट्वीट किया, '' मैं दलितों और समाज के वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा में लाने के वास्ते किए गए कार्यों के लिए रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन करता हूं।''
गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद गुरुवार देर शाम रामविलास का निधन हो गया। 74 वर्षीय पासवान पिछले कई दिनों से दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। शनिवार को दीघा घाट पर पासवान का अंतिम संस्कार किया गया ।
दीपक शफीक
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