देश की खबरें | जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने गुमराह युवाओं से हिंसा, तबाही का रास्ता छोड़ने को कहा
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श्रीनगर, 29 अगस्त जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने घाटी में आतंकवाद से जुड़ने वाले युवाओं से हिंसा और तबाही का रास्ता छोड़ने की शनिवार को अपील की।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि डीजीपी ने दक्षिण कश्मीर में पुलवामा और शोपियां जिले का दौरा कर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की । उन्होंने एक के बाद एक मुठभेड़ों की सफलता पर पुलिसकर्मियों, सेना और सीआरपीएफ अधिकारियों की सराहना की। मुठभेड़ों में सात आतंकियों को मार गिराया गया और एक ने समर्पण कर दिया।
सिंह ने पुलवामा में मुठभेड़ में शहीद हुए जवान को भी श्रद्धांजलि दी ।
पुलवामा और शोपियां जिले में सफल अभियान का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि अल बद्र के जिला कमांडर शकूर पारे और उसके साथी कई बर्बर अपराध में संलिप्त थे ।
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सिंह ने कहा कि पारे और उसके सहयोगियों ने आतंकवाद से जोड़ने के लिए स्थानीय युवाओं की भी भर्ती की ।
डीजीपी ने शुक्रवार को शोपियां में मुठभेड़ के दौरान समर्पण करने वाले सुहैब भट के अभिभावकों को भी मुबारकवाद दी ।
सिंह ने उम्मीद जतायी कि आतंकवाद के रास्ते गए युवा आत्मसमर्पण का मार्ग अपनाएंगे और हिंसा और तबाही का रास्ता छोड़ देंगे ।
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