देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर: जम्मू विश्वविद्यालय के प्रयास से पुंछ के किसान भी करेंगे केसर की खेती
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर में केसर की खेती अभी तक पंपोर और किश्तवाड़ जिले के कुछ इलाकों तक सीमित थी पर अब पुंछ जिले में भी इसकी खेती करने की तैयारी है और इसका श्रेय जम्मू विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के पांच साल के लंबे शोध को जाता है।
जम्मू, 23 जुलाई जम्मू-कश्मीर में केसर की खेती अभी तक पंपोर और किश्तवाड़ जिले के कुछ इलाकों तक सीमित थी पर अब पुंछ जिले में भी इसकी खेती करने की तैयारी है और इसका श्रेय जम्मू विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के पांच साल के लंबे शोध को जाता है।
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (एसबीटी) ने रविवार को जम्मू विश्वविद्यालय के पुंछ परिसर के सहयोग से पुंछ के गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में केसर की खेती शुरू करने के लिए किसान जागरूकता बैठक का आयोजन किया।
विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि केसर उत्पादन बढ़ाने के प्रयास के तहत ज्योति वाखलू के नेतृत्व में एसबीटी की टीम ने वर्ष 2018 से 2022 तक पारंपरिक केसर की खेती वाले क्षेत्रों के लिए अनुकूल जलवायु परिस्थितियों के साथ-साथ जम्मू के विभिन्न गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में पायलट स्तर पर अध्ययन किये।
पायलट अध्ययन के परिणामस्वरूप पुंछ को केसर की खेती के लिए संभावित क्षेत्रों में से एक के रूप में चुना गया। प्रवक्ता ने कहा कि ये पायलट अध्ययन पुंछ के बायला गांव के एक स्कूल शिक्षक और प्रगतिशील किसान ऐजाज अहमद के सहयोग से आयोजित किए गए थे।
उन्होंने कहा कि केसर की मांग दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों में इस्तेमाल के चलते दिन प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिन विभिन्न कारणों खासकर जलवायु परिवर्तन के चलते इसका उत्पादन घट रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि एसबीटी की टीम में शानू मंगोरा, ताहिर अली और नैंसी भगत भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस टीम ने एक बायोफॉर्म्यूलेशन विकसित किया है जो केसर की उपज बढ़ाता है।
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