भद्रवाह/जम्मू, 29 अप्रैल जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह जिले की एक जेल में कैदियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि कुल 85 कैदियों में से 24 को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि बाकी 61 को प्रौढ़ शिक्षा प्रदान की जाएगी। भद्रवाह जिला जेल के अधीक्षक मुश्ताक मल्ला ने कहा, “कैदियों को कंप्यूटर शिक्षा में दक्ष बनाने के लिए हमने यहां उनके लिए कक्षाएं शुरू की हैं। जिला कारागार में वर्तमान में 185 कैदी हैं।”
कार्यक्रम का उद्घाटन डोडा के जिलाधिकारी (डीसी) विशेष पॉल महाजन ने किया।
अधिकारियों ने कहा कि भद्रवाह जेल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सहयोग से की गई पहल का उद्देश्य कैदियों को डिजिटल ज्ञान और बुनियादी शिक्षा प्रदान करना है, जिसके माध्यम से उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकेगी।
जेल अधीक्षक ने कहा, “जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह कैंपस की मदद से पहले बैच में 24 शिक्षित कैदियों को डिजिटल शिक्षा मिलेगी, जबकि 61 कैदियों को टाटा कंसल्टेंसी के प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के तहत नामांकित किया गया है। इस पहल को बैच में शामिल कैदियों और अन्य बंदियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।”
उन्होंने बताया कि डिजिटल कौशल सीखने के लिए अन्य कैदियों के बीच उत्साह ने अधिकारियों को इस पहल का विस्तार करने और कैदियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभान डालने के लिए प्रेरित किया है।
भद्रवाह कैंपस में कंप्यूटर साइंस विषय के विभागाध्यक्ष डॉ. जतिंदर मन्हास ने कहा, “पाठ्यक्रम छह महीने का होगा। भद्रवाह कैंपस के कंप्यूटर साइंस विभाग के शिक्षक और विद्वान कैदियों को कंप्यूटर कौशल सिखाएंगे।”
डॉ. मन्हास को लगता है कि वे कैदियों को ज्ञान प्रदान कर रहे हैं और जेल से छूटने के बाद जीवन को बेहतर आकार देने में उनकी मदद कर रहे हैं।
डोडा के डीसी विशेष पॉल महाजन ने कहा, “इसका उद्देश्य कैदियों को कंप्यूटर कौशल में दक्ष बनाना है, ताकि वे जेल से छूटने के बाद रोजगार के योग्य बन सकें और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।”
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