देश की खबरें | जामिया: प्रदर्शनकारियों का दावा ‘10 से ज्यादा विद्यार्थियों को हिरासत में लिया गया’
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पीएचडी के दो विद्यार्थियों पर विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को 10 से अधिक विद्यार्थियों को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया।
नयी दिल्ली, 13 फरवरी जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पीएचडी के दो विद्यार्थियों पर विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए पुलिस ने बृहस्पतिवार को 10 से अधिक विद्यार्थियों को कथित तौर पर हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने बाद में कहा कि हिरासत में लिए गए पीएचडी छात्रों को लगभग 12 घंटे के बाद रिहा कर दिया गया लेकिन प्रदर्शन अब भी जारी है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ विद्यार्थियों ने दावा किया कि उन्हें जामिया प्रशासन से ‘तोड़फोड़, अनधिकृत एवं गैरकानूनी तरीके से प्रदर्शन तथा विश्वविद्यालय को बदनाम करने’ जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निलंबन पत्र मिला है। हालांकि, आरोप पर टिप्पणी के लिए विश्वविद्यालय अधिकरियों से संपर्क नहीं हो सका।
विद्यार्थियों ने सोमवार को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों पर प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शन शुरू किया था।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने प्रदर्शनकारियों पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जिसमें कैंटीन को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय का दरवाजा तोड़ना शामिल है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की इन गतिविधियों को मद्देनजर पुलिस हस्तक्षेप की मांग की।
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, “विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध प्राप्त होने के बाद हमने करीब तड़के चार बजे 10 से अधिक विद्यार्थियों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिसर के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।”
कुछ प्रदर्शनकारी दिन में कालकाजी थाने के बाहर एकत्र हुए। उनका दावा था कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद 20 छात्र लापता हो गए हैं।
एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया, “कई विद्यार्थियों को सुबह-सुबह कैंपस से हिरासत में लिया गया और उनका ठिकाना अज्ञात है।”
हालांकि, शाम तक उन्होंने बताया कि हिरासत में लिये गये सभी विद्यार्थियों को रिहा कर दिया गया।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया, “12 घंटे तक गैरकानूनी हिरासत में रखने के बाद सभी 14 विद्यार्थियों को रिहा कर दिया गया। हमारा विरोध जारी रहेगा क्योंकि कई छात्र पहले से ही कैंपस के अंदर विरोध स्थल पर बैठे हैं।”
विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और 10 फरवरी की शाम को शैक्षणिक ‘ब्लॉक’ में अवैध रूप से इकट्ठा हुए।
प्रदर्शनकारी छात्र प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ भविष्य में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करने की मांग कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय की अनुशासन समिति 25 फरवरी को बैठक करेगी, जिसमें 15 दिसंबर 2024 को "जामिया प्रतिरोध दिवस" के आयोजन में पीएचडी के दो छात्रों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ 2019 में हुए प्रदर्शनों की बरसी पर हर साल “जामिया प्रतिरोध दिवस” मनाया जाता है।
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