देश की खबरें | जल्लीकट्टू 2024 : शक्तिशाली बैल और उन्हें वश में करने वाले निडर युवक हैं तैयार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सुगंधित चमेली के फूल की कलियों के लिए लोकप्रिय मदुरै शहर इस बार पोंगल त्योहार के अवसर पर जल्लीकट्टू के पारंपरिक खेल के आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें शक्तिशाली बैलों को वश में करने वाले निडर युवक अपनी-अपनी वीरता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
चेन्नई, सात जनवरी सुगंधित चमेली के फूल की कलियों के लिए लोकप्रिय मदुरै शहर इस बार पोंगल त्योहार के अवसर पर जल्लीकट्टू के पारंपरिक खेल के आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें शक्तिशाली बैलों को वश में करने वाले निडर युवक अपनी-अपनी वीरता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
मदुरै जिले के अवनियापुरम, पलामेडु और अलंगनल्लूर में होने वाले जल्लीकट्टू के भव्य आयोजनों के लिए सैकड़ों प्रशिक्षित एवं ताकतवर बैलों और इन बैलों को वश में करने का जुनून रखने वाले तथा अपनी निडर प्रवृत्ति के लिए पहचाने जाने वाले पुरुषों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
मदुरै में पोंगल उत्सव के दौरान जल्लीकट्टू के अखाड़े जीवंत हो उठते हैं।
जल्लीकट्टू के मद्देनजर व्यवस्थाओं की निगरानी करने वाली मदुरै की जिलाधिकारी एम एस संगीता ने कहा कि अवनियापुरम जल्लीकट्टू 15 जनवरी को पोंगल के दिन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 16 जनवरी को पलामेडु और 17 जनवरी को अलंगनल्लूर में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। त्योहार की छुट्टियों के दौरान तीन दिवसीय यह कार्यक्रम पूरे राज्य का ध्यान आकर्षित करेगा।
जल्लीकट्टू में भाग लेने वाले बैल और युवक दोनों ही आयोजन के लिए प्रशिक्षण के अलावा पौष्टिक आहार भी ले रहे हैं।
जानवरों को तैराकी, पैदल चलने का प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें विजेता बनने के लिए उनकी ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए स्वस्थ आहार दिया जाता है।
मदुरै के एक बैल के मालिक पंडी ने कहा, ‘‘ हम हर साल राज्य के प्रमुख आयोजन, अलंगनल्लूर जल्लीकट्टू में भाग लेते रहे हैं तथा हमारे जानवरों को तैराकी, पैदल चलने के नियम पर रखा गया है और उन्हें विजेता बनाने के लिए उनकी ताकत एवं सहनशक्ति बढ़ाने के लिए स्वस्थ आहार प्रदान किया जाता है।’’
बैलों को वादीवासल (प्रवेश बिंदु जहां जानवरों को अखाड़े में छोड़ा जाता है) से बाहर निकलते समय झपट्टा मारने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है।
एक अन्य बैल मालिक दुरई ने कहा, ‘‘हम युवाओं को बैलों का कूबड़ पकड़ने से रोकने के लिए बैलों को लंबे सींगों के साथ अपने सिर को जोर-जोर से हिलाने के लिए प्रशिक्षित करते हैं।’’
जिला प्रशासन ने खेल के लिए बैलों और उन्हें काबू करने वाले युवकों के ऑनलाइन पंजीकरण की अनुमति दी है और फिटनेस प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया है।
जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘खेल के आयोजन के दौरान जानवरों के प्रति क्रूरता को रोकने के नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सावधानी बरती जाएगी कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को चोट न लगे।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2024 11:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

