देश की खबरें | जयशंकर ने विदेश यात्रा के लिये कोविड टीकाकरण प्रमाणपत्र पर समझ बनाने का सुझाव दिया
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नयी दिल्ली, 12 अगस्त विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को सुझाव दिया कि विदेश यात्रा को लेकर किसी खास टीके पर जोर देने की बताए देशों के बीच कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्र को लेकर कुछ समझ बननी चाहिए । उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक चुनौती होगी क्योंकि कुछ देश इस बात पर जोर देंगे कि उनका टीका जरूरी है ।
जयशंकर ने यह भी उम्मीद जतायी कि भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिलने का संकेत सिंतबर में मिल सकता है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सत्र को संबोधित करते हुए जयशंकर ने जोर दिया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत के साथ दुनिया खड़ी रही और खास तौर पर आक्सीजन आपूर्ति एवं दवा की आपूर्ति के संदर्भ में । उन्होंने कहा कि उन देशों को महामारी की पहली लहर के दौरान भारत ने मदद की थी ।
वैश्विक टीका पासपोर्ट और भारतीयों को विदेश यात्रा के दौरान पेश आ रही समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यात्रा बाधा संबंधी कई बातें अटकलों पर आधारित है, तथ्यों पर नहीं ।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने यहां प्रवेश करने के लिये टीका लगाने पर जोर नहीं देता, वह विमान पर बैठने से पहले आरटी पीसीआर नेगेटिव होने पर जोर देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं समझता हूं कि सामान्य तौर पर अभी यह (विदेश यात्रा) टीकाकरण आधारित होने की बजाए जांच आधारित होना चाहिए ।’’
कोवैक्सिन को लेकर यूरोप में यात्रा करने में कुछ परेशानियों के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह स्थिति बदलेगी जब डब्ल्यूएचओ इसे मंजूरी दे देगा ।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर डब्ल्यूएचओ को इस पर विचार करने में दो महीने से कुछ अधिक समय लगता है । कोवैक्सिन ने 9 जुलाई को आवेदन किया है और उन्हें उम्मीद है कि संभवत: सितंबर में कुछ संकेत मिलेगा (कौवक्सिन को मंजूरी) ।
उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा को लेकर किसी खास टीके पर जोर देने की बजाय देशों के बीच कोविड-19 टीकाकरण को लेकर प्रमाणपत्र को लेकर कुछ समझ बननी चाहिए ।
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