विदेश की खबरें | जयशंकर ने जर्मनी की अपनी समकक्ष बेयरबॉक से मुलाकात की, द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की
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बर्लिन, 2 मई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को जर्मनी की अपनी समकक्ष एनालीना बेयरबॉक से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष तथा हिन्द प्रशांत क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की ।
जयशंकर यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आए शिष्टमंडल का हिस्सा हैं ।
उन्होंने कहा कि जर्मनी की विदेश मंत्री बेयरबॉक के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई है।
जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ विदेश मंत्री बेयरबॉक के साथ अच्छी बातचीत हुई । हमने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की । यूक्रेन संघर्ष तथा हिन्द प्रशांत क्षेत्र के विषय पर चर्चा की । दोनों विदेश कार्यालयों के बीच सीधे विशिष्ट रूप में सम्पर्क को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए । ’’
विदेश मंत्री ने कहा कि वह अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) के पूर्ण सत्र में हिस्सा लेंगे ।
गौरतलब है कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र में चीन का कई देशों के साथ क्षेत्रीय विवाद है। चीनी सरकार लगभग सम्पूर्ण विवादित दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, हालांकि, ताइवान, फिलीपीन, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम सभी इसके हिस्सों पर दावा करते हैं । चीन का पूर्वी चीन सागर में जापान के साथ नौवहन विवाद है।
भारत ने अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान के साथ क्वाड समूह बनाया है और ‘खुला, मुक्त’ हिन्द प्रशांत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया जो लचीला एवं समावेशी हो ।
जयशंकर ने जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से भी मुलाकात की तथा जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की ।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से मुलाकात की । जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की । ’’
जयशंकर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि त्रिकोणीय विकास सहयोग एवं नवीकरणीय ऊर्जा गठजोड़ संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
छठे भारत-जर्मनी अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) की बैठक में जयशंकर के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है कि जर्मनी, यूरोप में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 21 अरब डालर से अधिक है।
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