आईटीबीपी ने दो हजार पीपीई किट, मास्क सीआईएसएफ की दिल्ली मेट्रो इकाई को दिए
अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी ने हरियाणा के सोनीपत जिले के सबोली में अपने शिविर में एक विशेष केंद्र स्थापित किया है जहां पीपीई और मास्क तैयार किए जाते हैं। इन मास्क और पीपीई का इस्तेमाल महामारी से निपटने के लिए तैनात उसके जवान तथा संगठन करते हैं।
नयी दिल्ली, 22 अप्रैल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए सीआईएसएफ की दिल्ली मेट्रो इकाई को 2,000 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट और मास्क बुधवार को सौंपे।
अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी ने हरियाणा के सोनीपत जिले के सबोली में अपने शिविर में एक विशेष केंद्र स्थापित किया है जहां पीपीई और मास्क तैयार किए जाते हैं। इन मास्क और पीपीई का इस्तेमाल महामारी से निपटने के लिए तैनात उसके जवान तथा संगठन करते हैं।
ये सुरक्षा उपकरण सबसे आगे रहने वाले पुलिस, अर्धसैनिक बलों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए हैं। मगर ये कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए नहीं हैं।
आईटीबीपी के प्रवक्ता ने बताया, "1,000 से अधिक पीपीई और तीन परत वाले इतने ही मास्क आज सीआईएसएफ की मेट्रो रेल इकाई को सौंपे गए हैं।"
करीब 90,000 कर्मियों वाली आईटीबीपी का मुख्य काम चीन के साथ लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा करना है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की दिल्ली मेट्रो इकाई पूरे देश में एक ही प्रतिष्ठान में अर्धसैनिक बल की सबसे बड़ी तैनाती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन पीपीई किट और मास्क का उपयोग मेट्रो यात्रियों और उनके सामान की जांच करने वाले कर्मी करेंगे। इसके अलावा स्टेशन पर अन्य स्थानों पर तैनात सशस्त्र सुरक्षा कर्मी भी इनका इस्तेमाल करेंगे।
देशभर में लॉकडाउन की वजह से मेट्रो सेवा बंद है।
सीआईएसएफ मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार कर रही है जो लॉकडाउन के बाद दिल्ली मेट्रो की सेवा फिर से शुरू करने के फैसले के बाद तैनात की जाएगी ।
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