यह कहना गलत होगा कि मध्यप्रदेश में कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं है, मुख्यमंत्री ही स्वास्थ्य मंत्री हैं : वरिष्ठ अधिकारी
अधिकारी का यह कहना महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश की हालत को भयावह बताते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रशासनिक ढांचे की बात की। उन्होंने कहा कि विभाग बिना किसी मंत्री के काम कर रहा है।
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल मध्यप्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह कहना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा कि मध्यप्रदेश में कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं है क्योंकि वहां मुख्यमंत्री ही स्वास्थ्य मंत्री हैं।
अधिकारी का यह कहना महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश की हालत को भयावह बताते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए प्रशासनिक ढांचे की बात की। उन्होंने कहा कि विभाग बिना किसी मंत्री के काम कर रहा है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं है क्योंकि शिवराज सिंह चौहान ने 23 मार्च को अकेले ही मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और उन्होंने अभी तक अपने मंत्रिमंडल का गठन नहीं किया है।
दिल्ली के कुछ पत्रकारों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में बातचीत करते हुए मध्यप्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) मोहम्मद सुलेमान ने कहा, ‘‘यह कहना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा कि हमारे पास स्वास्थ्य मंत्री नहीं हैं। मेरे पास स्वास्थ्य मंत्री हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री ही स्वास्थ्य मंत्री हैं। जहां तक मामले की कानूनी वैधता की बात है, सरकारी कर्मचारी होने के नाते मेरे लिए यह स्पष्ट है कि मेरे पास स्वास्थ्य मंत्री हैं।’’
सवाल करने पर कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि हो रही है, उन्होंने कहा कि इससे विभाग की छवि को जरूर धक्का लगा है लेकिन कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है।
सुलेमान ने कहा, ‘‘यह बेहद संवेदनशील मुद्दा बन गया है। मुझे यह स्वीकार करना होगा कि इससे हमारी छवि धूमिल हुई है। जहां तक हमारी छवि की बात है, इससे धक्का लगा है लेकिन हमारा कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है।’’
1989 बैच के आईएएस अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में लोग संक्रमित हुए हैं।
भोपाल में कोरोना वायरस से संक्रमण के करीब 200 मामले हैं जिनमें से ज्यादातर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैं।
संक्रमण के संभावित कारणों के बारे में सुलेमान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लोग विभिन्न जिलों के प्रभारी थे और वे अपने मातहत आने वाले जिलों की यात्रा कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग अतिसक्रियता से काम कर रहा है। उनके पास एक नियंत्रण कक्ष है जहां 50 लोग काम कर रहे हैं। संभवत है कि वायरस से संक्रमण सबसे पहले उनके पास पहुंचा हो। जब तक लोगों को पता चलता, नुकसान हो चुका था। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल 90 लोग संक्रमित हुए हैं। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि अब सभी ठीक हैं। किसी में गंभीर लक्षण नहीं हैं। कोई आईसीयू में नहीं है। उनमें से कुछ की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आयी है।’’
सुलेमान ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ मीडिया में आयी कुछ खबरों को खारिज किया। खबरें थीं कि उन्होंने कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने से इंकार कर दिया था।
उक्त अधिकारी की वायरल हुई तस्वीर के संबंध में सुलेमान ने कहा कि वह तस्वीर इलाज से जुड़ी हुई नहीं थी।
उन्होंने कहा, ‘‘वह घर पर उनका नमूना लेने की थी और मैंने कहाथा कि वह हमारा प्राथमिक कार्य है। जिन लोगों में तथा-कथित रूप से लक्षण नजर आ रहे हैं, हम उनके घर जाकर नमूने लेना पसंद कर रहे हैं। वह अस्पताल में हैं। उनका इलाज नहीं चल रहा है। वह सिर्फ पृथक वास में हैं। बस इतना हीं, और कुछ नहीं।’’
सुलेमान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के लोग 16-18 घंटे काम कर रहे हैं, ऐसे में संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप देखें कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैसे संक्रमित हुए, उनके स्वास्थ्य मंत्री संक्रमित हुए और अन्य कई नेता भी संक्रमित हुए।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2020 10:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

