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प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘बेरोजगारी दिवस’, ‘किसान विरोधी दिवस’ के रूप में मनाना ठीक होगा: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुक्रवार को उन्हें बधाई दी, साथ ही उनकी सरकार की ‘विफलताओं’ का हवाला देते हुए कहा कि उनके जन्मदिन को ‘बेरोजगारी दिवस’, ‘किसान विरोधी दिवस’, ‘कोरोना कुप्रबंधन दिवस’ और ‘महंगाई दिवस’ के रूप में मनाना उपयुक्त रहेगा.

प्रधानमंत्री का जन्मदिन ‘बेरोजगारी दिवस’, ‘किसान विरोधी दिवस’ के रूप में मनाना ठीक होगा: कांग्रेस
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

नयी दिल्ली, 17 सितंबर : कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के जन्मदिन पर शुक्रवार को उन्हें बधाई दी, साथ ही उनकी सरकार की ‘विफलताओं’ का हवाला देते हुए कहा कि उनके जन्मदिन को ‘बेरोजगारी दिवस’, ‘किसान विरोधी दिवस’, ‘कोरोना कुप्रबंधन दिवस’ और ‘महंगाई दिवस’ के रूप में मनाना उपयुक्त रहेगा. पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस है, उन्हें शुभकामनाएं, वह दीर्घायु हों.’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘भारत के महान प्रधानमंत्रियों के जन्मदिवस को एक एक नाम दिया गया है, जैसे बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्मदिन को 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है. इंदिरा जी के जन्मदिन को 'कौमी एकता दिवस' के रूप में, राजीव जी के जन्मदिन को 'सद्भावना दिवस' और अटल जी के जन्मदिन को 'सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.’’ सुप्रिया ने सवाल किया, ‘‘आज सुबह हर अख़बार के कवर पर पूरे पन्ने के विज्ञापनों में मोदी जी का मुस्कराता चेहरा देख कर यह ख़्याल आया कि मोदी जी के जन्मदिन पर उनकी कौन सी उपलब्धि का जश्न मनाया जाए?’’

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों पर नज़र डालते हैं तो बीते सात वर्षों में रोज़गार के लिए दर दर की ठोकरें खाते युवा, शोषित किसान, बंद उद्योग, ऑक्सीजन के बिना तड़प तड़प कर दम तोड़ते लोग, महंगाई से जूझती जनता, गैस छोड़ चूल्हा फूंकती महिलाएं, बड़े सरकारी उपक्रमों की बिक्री, भाजपा के सहयोगी संगठन बनी ईडी, सीबीआई एवं आयकर विभाग और कुछ ख़ास चिर परिचित बड़े पूंजीपतियों के चेहरे ही आंखों के सामने आते हैं.’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी के जन्मदिन को ‘बेरोजगारी दिवस, ‘किसान विरोधी दिवस’, ‘कोरोना कुप्रबंधन दिवस’, ‘महंगाई दिवस’, ‘उद्योग मंद, व्यापार बंद दिवस’, ‘पूंजीपति पूजन दिवस’ और ‘ईडी, सीबीआई, आईटी रेड दिवस’ के रूप में मनाना उपयुक्त रहेगा. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया, ‘‘जब अगस्त में 15 लाख, जुलाई में 32 लाख, मई और अप्रैल में 2.27 करोड़ लोगों की नौकरियां खत्म होती हैं तो मन में सवाल उठता है कि सालाना 2 करोड़ रोज़गार कहां हैं? आख़िर क्यों 61 लाख सरकारी पद केंद्र और राज्य सरकारों में ख़ाली पड़े हैं?’’ यह भी पढ़ें :

सुप्रिया ने कहा, ‘‘600 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए, प्रधानमंत्री के मुंह से सहानुभूति का एक शब्द नहीं निकला...आज 900 रुपये की रसोई गैस, 95 रुपये का डीज़ल और 120 रुपये पेट्रोल बिक रहा है. खाने के तेल में आग लगी हुई है, दाल के दाम आसमान छू रहे हैं ...नोटबंदी के आपके तुग़लकी फ़रमान और बिना सोचे समझे ‘गब्बर सिंह टैक्स’ लगाने की वजह से देश भर में उद्योग धंधे चौपट हो गए.’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी जी, कोरोना काल में आपकी उदासीनता और विफलता ने तो देश में त्राहि-त्रााहि मचा दी. फ़ोटो तो आपने खूब खिंचायीं, लेकिन वैक्सीन के ऑर्डर देरी से दिए और बहुत कम दिए-इसीलिए आज तक मात्र 13 प्रतिशत जनता मतलब 18.7 करोड़ लोगों को ही दोनों खुराक लग पायी हैं.’’m सुप्रिया ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘सात साल की यह कुछ उपलब्धियां आज आपको शायद प्रेरित करें. अख़बार और टीवी पर सुर्ख़ियां बटोरना अलग बात है, पर सत्ता के नशे में आप भूल गए कि चुनी हुई सरकारें क़ानून, मर्यादा, राजधर्म और लोकहित से चलती हैं. आज आपके 71वें जन्मदिन पर आपकी सकुशलता के साथ ईश्वर से यह कामना है कि आपको यह भान कराएं.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2021 02:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).