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राजस्थान में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले के लिए पृथक-वास में भेजना अनिवार्य नहीं

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह बात कही। वे प्रवासियों के सुरक्षित आवागमन, पृथक व शिविरों की व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे।

राजस्थान में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले के लिए पृथक-वास में भेजना अनिवार्य नहीं
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जयपुर, 15 मई राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वालों को पृथक-वास में भेजना अनिवार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह बात कही। वे प्रवासियों के सुरक्षित आवागमन, पृथक व शिविरों की व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने निर्देश दिए कि हॉट-स्पॉट और कर्फ्यू वाले इलाकों को छोड़कर राज्य में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले व्यक्तियों को 14 दिन के लिए पृथक नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं लोगों को पृथक करें जिनमें सर्दी, खांसी या जुकाम (आईएलआई) के लक्षण पाए जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे भिवाड़ी, नीमराणा आदि में प्रतिदिन व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आने वाले दूसरे राज्यों के उद्यमियों व श्रमिकों को भी पृथक नहीं किया जाए।

उन्होंने कहा कि करीब दो माह से चल रहे लॉकडाउन की पीड़ा झेल रहे प्रवासियों एवं श्रमिकों को संबल देने के लिए पृथक शिविरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने मास्क लगाने को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है यह अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि लोगों में कोरोना को लेकर अब जागरूकता आने लगी है। इससे ही हम लॉकडाउन में और अधिक छूट देने तथा जीवन रक्षा के लिए तैयार हो सकेंगे।

पृथ्वी कुंज

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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 09:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).