नयी दिल्ली, 22 मई विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत सरकार कई दशकों से अमेरिका में ‘लॉबिंग’ फर्म की सेवा लेती रही हैं और यह कोई नयी परंपरा नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि यह परिपाटी 1950 के दशक से चली आ रही है।
प्रेस वार्ता में संवाददाताओं ने जब भारत द्वारा अमेरिका में एक ‘लॉबिंग’ फर्म की सेवा लेने संबंधी खबरों के बारे में पूछा तो जायसवाल ने कहा, ‘‘यह कोई नयी परिपाटी नहीं है। यह कई दशकों से चली आ रही है, तथा 1950 के दशक से लगातार आने वाली सरकारों के दौर में यह परिपाटी रही है।’’
उन्होंने विस्तृत जानकारी दिये बिना कहा कि अमेरिका में पहली बार लॉबिंग फर्म की सेवा 1949 में ली गई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इन फर्म की सेवा भारतीय दूतावास द्वारा स्थिति के अनुसार या उत्पन्न होने वाली आवश्यकता के अनुसार नियमित रूप से ली जाती है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी सभी गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘वास्तव में, 2007 के परमाणु समझौते से पहले, हमने अमेरिका में भारत का पक्ष मजबूत करने के लिए इसी तरह की फर्म की सेवा ली थी। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि वाशिंगटन डीसी और अमेरिका के अन्य हिस्सों में दूतावासों और अन्य संगठनों में इस तरह की परिपाटी आम है।’’
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