कटनी (मप्र), 14 मई कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में हाल ही कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव की तरह सबक सिखाना आवश्यक है।
कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीट जीतीं, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीट जीतीं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप सब लोगों के माध्यम से मैं देश के लोगों से कहना चाहता हूं कि अब बदलाव का समय आ गया है। इस पर विचार करें। कर्नाटक में जिस दृढ़ता से भाजपा को हराया गया है, उसे उसी प्रकार से मध्यप्रदेश में सबक सिखाना आवश्यक है। वे (भाजपा) घोड़े पर चढ़ गये हैं। उन्हें घोड़े से उतारने की आवश्यकता है। उन्हें (भाजपा को) सत्ता से हटाना आवश्यक है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा को विनम्र होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता के भूखे नहीं हैं। लेकिन मैंने ऐसी सरकार नहीं देखी जो इस दुर्भावना से काम कर रही हो। किस तरह से लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। ये केवल झूठे आरोप लगाकर कांग्रेसियों को झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। मैं 10 साल तक मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री रहा। कोई भी भाजपा कार्यकर्ता यह नहीं कह सकता कि मेरे कार्यकाल के दौरान उन्हें ज्यादतियों का सामना करना पड़ा।’’
दिग्विजय ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम में लगे लोगों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है, जो एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों की गारंटीकृत रोजगार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायती राज 'सरकारी राज' में बदल गया है। 99 प्रतिशत सरपंच आज दुखी हैं। उनके अधिकार छीन लिए गए हैं और वे अपने अधिकार वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम आश्वस्त करते हैं कि जिस दिन कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनेगी, हम छह महीने के अंदर पंचायत राज के सारे जो अधिकार 2003 तक थे, वे वापस दिलाएंगे।’’
मालूम हो कि सात दिसबंर 1993 से सात दिसंबर 2003 तक प्रदेश में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में 10 साल तक कांग्रेस की सरकार थी और उसके बाद आठ दिसंबर 2003 से अब तक केवल 15 महीनों को छोड़कर भाजपा का शासन है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्यमंत्री का चेहरा बन सकते हैं, तो इस पर दिग्विजय ने दोहराया कि कांग्रेस का प्रदेश में मुख्यमंत्री का एक ही चेहरा है और वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि यहां केवल एक चेहरा है कमलनाथ। मैं 10 साल तक मुख्यमंत्री रह चुका हूं। किसी और को भी मौका मिले। मुझे अन्य काम करने दीजिए।’’
2018 के चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा बनी थी, जिसमें कांग्रेस 230 सदस्यीय सदन में 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। भाजपा ने 109 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस ने कमलनाथ के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई, लेकिन मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार कई विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद यह गिर गई और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में फिर से भाजपा नीत सरकार बनी।
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