नयी दिल्ली, छह दिसंबर राज्यसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा पिछले दिनों जारी एक परिपत्र से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि उसमें सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाने को कहा गया है, जिसके पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर होगी।
तृणमूल कांग्रेस सदस्य शांतनु सेन ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवाल पूछते हुए यह मुद्दा उठाया और सवाल किया कि यूजीसी के किस निर्देश या नियम के तहत ऐसा किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक प्रचार प्रतीत होता है।
इसके जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा, ‘‘...मुझे अपने प्रधानमंत्री पर गर्व है। देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गर्व है।’’
इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति देश के होते हैं, वे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिस प्रकार मुख्यमंत्री राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी अपील है कि जब बात संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों की हो, चाहे वे राज्यस्तर पर हों या केंद्र स्तर पर, हमारा नजरिया राजनीतिक नहीं सामान्य होना चाहिए।’’
यूजीसी ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए देशभर के महाविद्यालयों से कहा है कि वे अपने-अपने परिसर के अहम स्थलों पर तस्वीर खिंचवाने के लिए स्थान (सेल्फी पॉइंट) तैयार करें।
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